दुश्‍मन को तबाह कर देगा डेढ़ किलो का नैनो टैंक, महज 18 हजार में आईटीएम गोरखपुर के स्‍टूडेंट्स ने किया तैयार

गोरखपुर,(उत्तर प्रदेश)। गोरखपुर के आईटीएम गीडा के छात्रों ने एक नैनो रोबो टैंक का निर्माण किया है। उनका दावा है कि यह युद्ध के दौरान न केवल दुश्मनों के दांत खट्टे कर देगा, बल्कि उनके टैंकों और बकरों को तबाह कर देगा। इसके मॉडल को तैयार करने में 18000 की लागत आई है। इस सफलता पर मॉडल तैयार करने वाले छात्रों के साथ आईटीएम प्रबंधन के लोग भी बेहद खुश हैं।
आईटीएम गीडा, गोरखपुर के बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशन के 6 छात्रों ने मिलकर सेना के जवानों की सुरक्षा के लिये एक नैनो रोबो टैंक तैयार किया है। आकार में छोटा दिखने वाला ये रोबो टैंक दुश्मन के बंकर और टैंक को नष्ट करने की क्षमता रखता है। बॉर्डर पर देश के जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आईटीएम के छात्र अमित श्रीवास्तव, मुस्कान शेख, अमृता कुमारी, अभिषेक गुप्ता, शालिनी और सिद्धार्थ मौर्या ने मिलकर यह नैनो रोबो टैंक बनाया है।
यह दुश्मनों पर गोलियां और गोले बरसाने में सक्षम होगा। इस नैनों टैंक का वजन लगभग डेढ़ किलोग्राम है। इसमें लगे गन को वायर लैस सिस्टम की मदद से जवान बगैर इंटरनेट के दूर से ही कैमरे व स्क्रीनवी के सहारे कंट्रोल कर सकेंगे। इस तरह दुश्मन की नजर में आए बगैर उन पर गोलीबारी कर सकेंगे। छात्रों ने प्रोजेक्ट को संस्थान के सहायक आचार्य विनीत राय के निर्देशन में तैयार किया है। इसको तैयार करने वाले छात्रों और उनकी टीम के डायरेक्टर का कहना है कि ये नैनो टैंक दुश्मन के बिछाये लैंडमाइन को भी नष्ट कर सकता है। रेडियो रिमोट ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस ये नैनों रोबो टैंक दुश्मन की गतिविधि पर नजर भी रखेगा।
कुल 18 हजार का खर्च
इस टैंक को बनाने में गियर मोटर, गन बैरल पाईप, रेडियो रिमोट, 3.7 वोल्टेज बैटरी, मिनी एलसीडी स्क्रीन, इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगर, रेडियो कैमरा इत्यादि उपकरणों का प्रयोग किया गया है। इसके साथ ही इसे तैयार करने में कुल 18000 रुपए का खर्च आया है।
सेना को दिखाया जाएगा यह मॉडल
संस्थान के निदेशक डॉ. एन.के. सिंह ने बताया हमारे कॉलेज में इनोवेशन सेंटर है। इसमें छात्र अपने नए-नए आईडियाज पर कार्य करते हुए देश एवं समाज के लिए उपयोगी यंत्रो का निर्माण कर रहे हैं। इसी क्रम में संस्थान के छात्रों ने देश के जवानों की सुरक्षा के लिये एक नैने रोबो आर्मी टैंक तैयार किया है। फिलहाल मॉडल तैयार किया गया है, इसे जांचने और परखने के लिए सेना के अधिकारियों को दिखाया जाएगा। यदि मॉडल पसंद आया तो आगे सरकार की मंजूरी के बाद इस प्रोजेक्ट को कुछ और रिसर्च के बाद आगे बढ़ाया जाएगा। छात्रों की सफलता पर संस्थान सहित सभी बेहद खुश है। इस सफलता के लिए पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं।

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