हिन्दू बच्ची को स्कूल ने नहीं दिया एडमिशन

सतना,(मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में आने वाले सतना जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर में धर्म के आधार पर 6 साल की मासूम की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। सतना के शास्त्री चौक स्थित एक प्राइवेट स्कूल में हिंदू समाज की बच्ची को एडमिशन नहीं दिया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को स्कूल में प्रवेश देने के लिए हिंदू-मुस्लिम का वास्ता दिया जा रहा है।
शहर के शास्त्री चौक में 1945 से मुस्लिम समुदाय मोहम्मदिया अहसानिया हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित कर रहा है। 4 महीने पहले यहां हिंदू समाज की बच्ची का क्लास 1 में एडमिशन कराने के लिए उसकी मां चन्द्रवती उर्फ सोनू गुप्ता विद्यालय पहुंची थी। एडमिशन के लिए स्कूल में आवेदन किया। लेकिन उसकी 6 वर्षीय पुत्री आंहवी गुप्ता को स्कूल मैनेजमेंट ने एडमिशन नहीं दिया। जबकि पहले एडमिशन देने का भरोसा दिया गया था। इसके चलते ही घरवालों ने किताबें यूनिफॉर्म, जूता, मोजे वगैरह खरीद लीं थीं।
स्कूल में एडमिशन के लिए मासूम बच्ची की मां पिछले 4 महीने से चक्कर लगा रही है। लेकिन अभी तक उस बच्ची को प्रवेश नहीं दिया गया। बच्ची के परिजनों की माली हालत भी खास नहीं है। बच्ची की मां लोगों के घरों में खाना बनाने का काम करती है। जबकि पिता राजस्थान में मजदूरी करते हैं। जिससे की मासूम बच्ची के परिवार का गुजारा होता है। ऐसे में वह कोई महंगा स्कूल भी अफॉर्ड नहीं कर सकते है।
इस मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी के पास भी पहुंच चुकी है। जैसे ही यह मामला तूल पकड़ा तो जिम्मेदार अधिकारी भी अपना अलग राग अलाप रहे है। आनन फानन में मामले की जांच डीपीसी को सौंप दी गई है। सतना जिले के डीईओ नीरव दीक्षित ने डीपीसी विष्णु त्रिपाठी से मामले की जांच करने को कहा है। डीपीसी ने जानकारी दी कि डॉक्यूमेंट न होने के कारण किसी का प्रवेश नहीं रोका जा सकता। बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र ही काफी है।
सतना के कांग्रेस नेता सईद अहमद (अब बसपा में ) के एहसानिया स्कूल में एक हिंदू बच्ची को प्रवेश देने से मना कर दिया गया है। आरोप है कि धर्म के आधार पर 6 वर्षीय मासूम बच्ची को स्कूल में प्रवेश देने से स्कूल प्रबंधन मना कर रहा है। कहा जा रहा है कि लड़की हिंदू है। इसलिए उसे मुस्लिम स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 1987 से कांग्रेस पार्टी छोड़ बसपा ज्वाइन किए नेता सईद अहमद विद्यालय के चेयरमैन है। वे दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में पूर्व वित्त मंत्री थे। जबकि उनके पिता बैरिस्टर गुलशेर अहमद इस स्कूल के चेयर मैन रहे है। बैरिस्टर कुलशेर अहमद कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रहे।

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