40 ट्रैक्टर, बाइक और कारों का काफिला, ‘गदर सेठ’ के बेटे ने ग्रैंड तरीके से पीवीआर लाकर पूरे गांव को दिखाई गदर 2

उज्जैन,(मध्य प्रदेश)। हर फिल्म अभिनेता के अपने-अपने चाहने वाले लोग होते हैं। उनकी दीवानगी समय-समय पर देखने को मिलती है। उज्जैन जिले के घटिया क्षेत्र स्थित गांव बकानिया में रहने वाले धर्मेंद्र जाट ने अपने पिता की स्मृति में कुछ अनोखा काम किया है, जिसकी चर्चा हो रही है। धर्मेंद्र जाट ने पूरे गांव को अपने पिता की याद में गदर 2 दिखाई है। वह 40 ट्रैक्टर, कार और बाइक पर लोगों को लेकर आया था। उज्जैन में फिल्म दिखाने के लिए पूरा सिनेमा हॉल बुक किया था।
दरअसल, पूरा मामला बकानिया गांव का है। यहां रहने वाले धर्मेंद्र जाट के पिता लक्ष्मीनारायण जाट फिल्म अभिनेता सनी देओल के सबसे बड़े दीवाने थे। 21 साल पहले जब उन्होंने सनी देओल की गदर फिल्म देखी तभी से उन पर इस फिल्म का जैसे जुनून ही छा गया था। अनगिनत बार इस फिल्म को वह टॉकीज में देखने जा चुके थे। उनकी इच्छा थी कि गांव का हर व्यक्ति इस फिल्म को देखे। इसीलिए उन्होंने गांव के एक मंदिर पर टीवी और वीसीआर मंगाकर ऐसी व्यवस्था कर दी थी कि गांव का जो भी व्यक्ति यह पिक्चर देखना चाहता, वह इसे आसानी से देख सकता था।
सनी देओल की तरह बदला था लुक
लक्ष्मीनारायण जाट की दीवानगी इतनी ही नहीं थी। लगभग 21 वर्षों से सनी देओल की वेशभूषा में ही वे गांव में रह रहे थे। उन्होंने सनी देओल के बड़े-बड़े पोस्टर के साथ अपने फोटो भी बनवा रखे थे। यही कारण था कि उन्हें पूरा गांव गदर सेठ के नाम से जानता था। उनके पुत्र धर्मेंद्र जाट ने बताया कि पिता की इच्छा थी कि वे गदर 2 फिल्म देखे लेकिन 1 साल पहले उनका निधन हो गया। पिता तो यह फिल्म नहीं देख पाए लेकिन उनकी स्मृति में हमने 40 ट्रैक्टर, कार और बाइक के माध्यम से पूरे गांव को सांवेर स्थित मोती पीवीआर में यह फिल्म दिखाई है।
ट्रैक्टर रैली में बजे गदर के गाने
ग्राम बकानिया से निकली ट्रैक्टर, कार और बाइकों की रैली को देखकर हर कोई हैरान था, क्योंकि इस रैली के आगे-आगे डीजे गदर फिल्म के गाने बजाते हुए चल रहा था। वहीं ट्रैक्टर पर बैठे ग्रामीणजन इन गीतों पर झूमते और नाचते हुए फिल्म देखने जाने की खुशियां मना रहे थे।
सांवेर जाकर दिखाई फिल्म
धर्मेंद्र जाट ने बताया कि हम चाहते थे कि पूरे गांव को उज्जैन के ट्रेजर बाजार स्थित पीवीआर में ही फिल्म दिखाई जाए। हाउसफुल होने के कारण हमें बुकिंग नहीं मिल पाई। जिसके कारण हमने सभी लोगों को सांवेर के मोती पीवीआर में ले जाकर यह फिल्म दिखाई।

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