गाजियाबाद में रैपिड रेल चली नहीं, चोरों ने पहले ही बना लिया निशाना,

गाजियाबाद। देश की पहली रैपिड रेल (रैपिड एक्स) प्रॉजेक्ट के लाखों रुपये कीमत के केबल चोरी में दिल्ली के शाहीन बाग और बाटला हाउस कनेक्शन जुड़ने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इस संबंध में क्राइम ब्रांच ने सात शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक बदमाश शाहीन बाग का जावेद, कलीम और गुलजार बाटला हाउस के रहने वाले हैं, जो रस्सी के सहारे एलिवेटेड सेक्शन पर चढ़कर तार काटकर उसे दुकड़े कर बेचते थे। इनमें 50 हजार रुपये मीटर की कॉपर केबल को 800 रुपये किलोग्राम में बेच देते थे। इनके कब्जे से भारी मात्रा में तार, चोरी करने वाले उपकरण, हथियार व वाहन बरामद किए हैं। इस संबंध में 9 FIR दर्ज की जा चुकी है। पुलिस जांच टीम इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है। आरोपियों के फरार तीन साथियों की तलाश की जा रही है।
एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि रैपिड रेल प्रॉजेक्ट के निर्माण वाले क्षेत्र से लगातार केबल व अन्य सामान चोरी होने के मामले सामने आ रहे थे। इसके बाद पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच भी इस गैंग की तलाश कर रही थी। गुरुवार को मुरादनगर क्षेत्र से क्राइम ब्रांच ने केबल चोरी करने वाले गैंग के साथ लोगों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ करने पर अपने नाम सैफ मलिक (ओखला शाहीनबाग), मोहम्मद जावेद, मोहम्मद कलीम उर्फ सिद्धू, गुलजार (बाटला हाउस जामिया नगर), जुल्फीकार (टीला मोड़), पसौंडा का समीर मलिक और दिल्ली सीलमपुर निवासी जावेद बताए। इनमें सैफ मलिक गिरोह का सरगना है और जावेद के साथ मिलकर कबाड़ का काम करता है। जबकि इनके तीन साथी जावेद, सोनू और शादाब फरार हैं।
17 लाख का तार बरामद
एडीसीपी ने बताया कि पूछताछ आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रैपिड एक्स के ट्रैक पर ट्रेन के संचालन के लिए प्रयोग होने वाले कॉपर के तार चोरी कर बेचते थे। बाद में इन तारों को गलाकर बाजार में बेच देते थे। पिछले सात महीने से इस वारदात में लगे हुए थे। पुलिस ने इनके पास से करीब 17 लाख कीमत का तार, पांच हजार रुपये, छोटा हाथी, कार, फिश प्लेट, हथियार, रस्सों के बंडल समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ दिल्ली समेत अन्य जिलों में विभिन्न मामले दर्ज हैं।
रस्सी के सहारे चढ़ते थे ट्रैक पर
एडीसीपी क्राइम ने बताया कि बदमाशों का कहना है कि वे ट्रैक के पास सुनसान इलाके से एक सुतली में पत्थर बांधकर उसे ट्रैक पर फेंकते थे। बाद में दूसरी तरफ सुतली के पहुंचने पर उसमें मोटा रस्सा बांधकर खींच लेते थे। इसके बाद इस रस्सी को एक तरफ से पिलर में बांधते थे। दूसरी तरफ से गांठों के सहारे ट्रैक पर चढ़कर तार काटकर फरार हो जाते थे।
कबाड़ी बनकर पहले रेकी और फिर करते थे चोरी
रैपिड एक्स प्रॉजेक्ट के केबल चोरों के गैंग से पूछताछ में पुलिस को कई सनसनीखेज जानकारियां मिली हैं। बताया गया है कि वारदात से पहले बदमाश क्षेत्र में कबाड़ी वाले के भेष में घूमकर रेकी करते थे। फिर वह उस जगह को चिह्नित कर लेते थे जहां से उन्हें तार काटने के लिए एंट्री करना और भागना होता था। इसके बाद वे गाड़ियों में सवार होकर रात में आते और केबल को काटने के बाद उसे लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस गैंग के फरार तीन साथियों के अलावा क्षेत्र में सक्रिय कबाड़ियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
केबल कारोबारी भी पुलिस के रडार पर
केबल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को चोरी के केबल खरीदने वाले कई कारोबारियों के बारे में बताया है। यह भी पता है कि ये कारोबारी कई अन्य गैंग के सदस्यों से भी इस प्रकार का चोरी का माल खरीदते हैं। पुलिस अब दिल्ली पुलिस के सहयोग से इन कारोबारियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जिससे पूरे गैंग का खात्मा किया जा सके।

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