हमीरपुर में 101 साल की बुजुर्ग ने योग से बुढ़ापे को दी मात

हमीरपुर,(उत्तर प्रदेश)। हमीरपुर में दादी और परदादी बनी 101 साल की बुजुर्ग महिला ने योग और प्राणायाम के जरिए न सिर्फ बुढ़ापे को मात दी बल्कि ये आम महिलाओं के लिए मिसाल भी बन गई हैं। उम्र के इस पड़ाव में भी इनकी दोनों आंखों की रोशनी आज भी बरकरार है। यह सब योग औैर प्राणायाम का नतीजा है, जिसके कारण इन्हें कोई भी बीमारी नहीं है। हमीरपुर जिले के जरिया थाना क्षेत्र के इटैलिया बाजा गांव निवासी यशोदा देवी अपने बड़े बेटे देवी चरण मिश्रा एडवोकेट के साथ हमीरपुर शहर के पटकाना मुहाल में रहती है। इनके पति अवध किशोर की मौत बाइस साल पहले हो गई थी। इनके दो बेटे है। यह बुजुर्ग महिला एक सौ एक साल की उम्र पार कर चुकी है। फिर भी ये पूरी तरह से स्वस्थ है।
पति के निधन के बाद यशोदा हमीरपुर स्थित यहां अपने बेटे के साथ कई दशक से रह रही है। देवी चरण मिश्रा वकालत करते है। इनके तीन बेटे और तीन बेटियां है। बूढ़ी यशोदा की सलाह पर नातियों और नतिनों के विवाह भी संपन्न हुए। आज भी संयुक्त परिवार में घर के सभी लोग उनसे सलाह लेते है। देवी चरण मिश्रा ने बताया कि मां एक सौ एक बसंत देख चुकी है। इतनी उम्र के बावजूद ये बिना किसी सहारे स्नान कर पूजा अर्चना करती है, फिर नियमित रूप से योग करती है। बताया कि नियमित योग और प्राणायाम से ही मां ने अपना जीवन निरोगी बनाया है।
उम्र के आखिरी पड़ाव में भी नहीं लगाया चश्मा
अरविन्द व हेमंत मिश्रा ने बताया कि दादी 101 साल की उम्र में भी बिना चश्मा के ही अपना काम करती है। हमीरपुर शहर और गांव में भी इतनी उम्र की कोई भी दादी नहीं होगी। बताया कि घर में दस से ज्यादा सदस्य है। छोटे-छोटे बच्चों के बीच दिन भर दादी मस्त रहती है। इनकी सब कुछ याद रहता है। यशोदा ने कहा कि प्रतिदिन दस से 15 मिनट तक योग और कुछ प्राणायाम करने के बाद ही मन को शांति मिलती है। इसीलिए यशोदा की आंखों की रोशनी कम नहीं हुई है।
तीसरी पीढ़ी के लोगों के लिए मिसाल बनीं यशोदा
यशोदा देवी अपने तीसरी पीढ़ी के बच्चों के लिए मिसाल बन चुकी हैं। इसके सामने बेटे और उनके बेटों और बेटियों की शादी हुई है। ये नाती, पंथी के साथ ही दादी, परदादी भी बन गई है। परिजनों का कहना है कि यशोदा पिछले दो दशक से नियमित रूप से योग करती हैं। इसीलिए उन्हें चश्मे की जरूरत आज तक नहीं पड़ी। खाने-पीने में भी कोई परहेज नहीं है। घर में जो भी खाने को मिला उसे बड़े ही चाव से ये खाती है। ये आहार में रोजाना गाय का दूध भी पीती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button