श्री श्री 108 श्री महंत नारायण दास जी महाराज की टीकमगढ़ म.प्र से आध्यात्मिक यात्रा प्रारम्भ होकर फतेहपुर रायबरेली होते हुए रजादेपुर आजमगढ़ स्थित मठ पर भव्य स्वागत सम्मान के साथ हुई सम्पन
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श्रवण कुमार तिवारी,(फतेहपुर/आजमगढ़)।
फतेहपुर जनपद के समाजसेवी अशोक तपस्वी ने अपने आवास में श्री श्री 108 श्री महंत नारायण दास जी महाराज का भव्य स्वागत सम्मान पूरी श्रद्धा से पूर्ण किया गया।
इसी कड़ी में आचार्य श्रवण कुमार तिवारी के सानिध्य से महंत नारायण दास की पूजन आरती की गई ।अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष आशीष त्रिपाठी ने भगवान परशुराम का छायाचित्र भेंट कर माला फूल से मंहत नारायण दास जी का स्वागत किया गया। महंत नारायण दास त्यागी जी की आज़मगढ़ यात्रा के दौरान फतेहपुर आगमन पर भव्य स्वागत हुआ। वहीं समाजसेवी अशोक तपस्वी ने उन्हें जैविक खेती और गोबर्धन परियोजना से बन रहे धार्मिक सामानों को दिखाया। महंत नारायण दास त्यागी ने अपने झिरकी बगिया आश्रम टीकमगढ़ आने और आश्रम की गौशाला में गोबर्धन परियोजना शुरू करने के लिए आमंत्रित किया।
आपको बताते चलें की महंत नारायण दास त्यागी मंशापूर्ण हनुमान झिरकी बगिया आश्रम टीकमगढ़ के महंत हैं। यह आश्रम लगभग एक रमणीक झील के किनारे लगभग 200 बीघे में बसा हुआ है। यहाँ बुन्देलखण्ड की बड़ी गौशाला हैं। यह आश्रम रामानंदीय आश्रम है। इसकी एक शाखा भोपाल में भी है।
महंत नारायण दास त्यागी जी प्राचीन रजादेपुर मठ आज़मगढ़ एक संत समागम कार्यक्रम और श्री राम कथा शुभारंभ में मुख्य अतिथि के रूप जा रहे हैं । यह मठ गोरखनाथ मठ से संबद्ध है। सहयात्री के साक्षी भाव देवव्रत त्रिपाठी, अरविंद चतुर्वेदी, आचार्य श्रवण कुमार तिवारी आदि उपस्थित रहे।
स्वागत कार्यक्रम फतेहपुर में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष आशीष त्रिपाठी ने महंत जी का माल्यार्पण कर भगवान परशुराम का छाया चित्र भेँट किया। समाजसेवी अशोक तपस्वी ने आरती पूजन के साथ गुप्त भेंट अर्पित की ।इस मौके पर स्तम्भकार देवव्रत त्रिपाठी,एवीपी संवाददाता सुनील गुप्ता, शिवम् अग्निहोत्री, आदि लगभग आधा दर्जन भक्तों की गरिमामयी उपस्थिति यादगार पलों के रूप रही।इसी प्रकार शिव कैलाश मंदिर रजादेपुर आजमगढ़ में रामचरित मानस कथा के मुख्य अतिथि में महंत श्री का पूजन वंदन करते हुए कथा आरंभ हुई। कथावाचक आचार्य सुरेश मिश्रा द्वारा भक्ति की गंगा बहाते हुए श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर समस्त शिष्यगढ़ एवं महंत प्रबंध समिति के सभी भक्तों उपस्थित रहे ।




