फतेहपुर पुलिस टीम को मिली बड़ी कामयाबी, डबल मा‌र्डर केश का 16 घंटे में ही किया खुलासा

श्रवण कुमार तिवारी,(फतेहपुर/उत्तर प्रदेश)। जनपद में ही नहीं वरन् हर जगह, हर जनपद मुहकमा में प्रेम प्रसंग की घिनौनी घटनाएं होती नजर आ रही है।जिसे समय समाज रोंक नहीं पा रहा है। ऐसा लग रहा है कि जैसे कलयुगी मानव का जन्म केवल फतेहपुर में ही हो रहा है । लेकिन ऐसा भी नहीं है। प्रेम प्रसंग के चलते लगभग सैकड़ों हत्याकांड के मामले आए दिन हर जनपद से चैनल व अखबारों के पन्नों पर सुर्खियों में दिखते नजर आते हैं।ऐसी ही एक घटना फतेहपुर जनपद के खागा तहसील की है। जहां किसी बारात में शामिल होने वो दो लड़कियां आईं जिनकी निर्मम हत्या कटोघन के पास जंगल में झांड़ियो की ओट में कर दी गई थी।बुआ की बेटी को बचाने के लिए चीख पुकार सुनकर दौड़ी मामा की सोलह वर्षीय लड़की की भी हत्या का शिकार हो गई। जिसका खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ये दोहरा हत्याकांड प्रेम प्रसंग के चलते एक दूसरे पर किसी दूसरे से संबंध रखने का आरोप प्रत्यारोप मढ़ने के कारण आपस में विवाद हुआ और प्रेमी ने प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया।
ऐसी घटनाओं को लेकर मन में एक प्रश्न उठता है कि क्या कभी ऐसी घटनाओं में भी काबू पाया जा सकता है? जिनसे लोगों की सामान्य जिंदगी को बचाया जा सके।
हवा के वेग से भी ज्यादा तेज प्रेम प्रसंग की घटनाएं आज समाज में होती नजर आ रही है। फिर भी हमारा समाज इन घटनाओं को रोकने के लिए अपने घरों ,परिवारों में पढ़ने वाले उन बालक बालिकाओं को सुशिक्षित सुसंस्कारित क्यों नहीं बनाया पा रहा है, जिससे उनकी घटनाओं को बचाया जा सके । आज आधुनिकता के दौर में प्रेम की परिभाषा को ही समाज ने बदल दिया है। जिसकी वजह से ऐसी घिनौनी घटनाएं प्रेम प्रसंग की बहुधा देखने को मिलती है। चलते चल चित्रों के माध्यम से अर्धनग्न अवस्था में कामोत्तेजक अंग प्रदर्शन की बाजारू शिक्षा ने नैतिक शिक्षा की हत्या कर दी है।
अतः यदि समय रहते सरकार व सामाजिक नेतृत्वकर्ताओं के द्वारा अश्लीलता का विरोध प्रदर्शन करते हुए नैतिक मूल्यों पर आधारित वातावरण को शुद्ध बनाने वाले कार्यक्रमों का आयोजन समय समय पर न किया गया तथा, नैतिक शिक्षा, सदाचार की शिक्षा का अध्ययन अध्यापन न किया गया। तो हमारा समाज, हमारे बच्चे ,हमारे ही सामने टूटते बिखरते और समाप्त होते नज़र आएंगे, । तब हम फिर किसी दशा में किसी को भी रोंक नहीं पाएंगे। इसके लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। शिक्षा क्षेत्र में भी बदलाव की आवश्यकता है। बड़ी संख्या में पुनः गुरुकुलों के स्थापना की आवश्यकता।
आज हिन्दुस्तान को आगे बढ़ाने के लिए एक ऐसे स्वयं सेवक ,जन सेवक ,राष्ट्र भक्त भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी हुए हैं , जिन्होंने भारत को पुनः प्रयास करके अस्तित्व में लाने का काम किया है।उनकी शिष्ट शिक्षा ने,उनकी कर्म निष्ठा ने भारत के अस्तित्व को मजबूत बनाने का काम किया है।इसी तरह समाज का हर पहलू यदि सांस्कृतिक विचार धारा में शामिल होने लगे, तो मासूम बच्चियों को बचाया जा सकता है। उजड़ते परिवारों को बचाया जा सकता है।हम स्वयं शिक्षित संस्कारित हो तभी हमारा समाज शिक्षित संस्कारित हो सकता है। इसीलिए स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है _वयं जागृयाम् राष्ट्रम् ।।

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