प्रॉपर्टी डीलर को कॉल कर मांगी थी रंगदारी, रुपये न देने पर चला दी गोलियां,आरोपित गिरफ्तार

नई दिल्ली। रंगदारी न देने पर नरेला में प्रापर्टी डीलर व उनके सहयोगी को गोली मारकर घायल कर देने के मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध ने कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह के सहयोगी गैंगस्टर नरेश सेठी गिरोह के दो शूटरों को दबोच लिया है। इनमें एक नाबालिग है। कैलिफाेर्निया से पहले नरेश सेठी के भतीजे अक्षय ने प्रापर्टी डीलर को कॉल कर रंगदारी मांगी थी।

रंगदारी देने से मना करने पर एक बाइक पर सवार होकर आए तीन शूटरों ने प्रापर्टी डीलर के कार्यालय पर आकर ताबड़तोड़ गोलियां चला फरार हो गए थे। इनके कब्जे से एक पिस्टल, कारतूस व चोरी की बाइक जब्त की गई है। विशेष आयुक्त अपराध शाखा रवींद्र सिंह यादव के मुताबिक अपराध शाखा की टीम ने मुंडका के पास मुठभेड़ के बाद समीर व नाबालिग को दबोच लिया गया। समीर, सांपला, हरियाणा का रहने वाला है।

17 अप्रैल को नहरी, सोनीपत निवासी प्रापर्टी डीलर विकास दहिया को अक्षय ने कैलिफोर्निया से रंगदारी के लिए पहली बार काल की थी। 24 अप्रैल को उसने दोबारा धमकी दी और 27 अप्रैल को तीन शूटरों उस समय उनपर गोलियां चलाई जब वह अपने कार्यालय लामपुर में बैठे थे। दहिया के हाथ व देवी वीर सिंह के सिर में गोली लगी थी। नरेला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।

नरेश सेठी सरगना है, वह हरियाणा के झज्जर का रहने वाला है। उसने 2006 में पालिटेक्निक करने के बाद अपराध की दुनिया में प्रवेश किया और अपने साथियों के साथ दिल्ली में डकैती के मामले में गिरफ्तार किया गया। वहां तिहाड़ जेल में वह संदीप उर्फ काला जठेड़ी और अनिल छीपी के संपर्क में आया। जेल से रिहा होने के बाद वह फिर से अपराध में शामिल हो गया और दिल्ली और हरियाणा की अलग-अलग जेलों में बंद रहा।

2011 में वह फरार गैंगस्टर राजकुमार उर्फ राजू बसौदी, सुनील उर्फ बांदा समेत अन्य के संपर्क में आया। इसके बाद उसने दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में हत्याएं और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम दिया। उसने साथियों के साथ अपने बहनोई राजेश की भी हत्या कर दी क्योंकि राजेश ने इसकी बहन की हत्या की थी। 2012 में उसने अपने साथियों के साथ जेल वैन को रोककर वैन के अंदर दिलबाग और फौजी की हत्या कर दी थी, क्योंकि अनिल छीपी की उन लोगों से दुश्मनी थी। इसके बाद नरेश को गिरफ्तार कर रोहतक जेल भेज दिया गया।

धीरे-धीरे वह काला जठेड़ी का सक्रिय सदस्य बन गया और फिर से साथियों के साथ मिलकर अपराध करने लगा। जेल में बंद रहने के दौरान उसने हत्याएं कराईं और फिरौती के काल किए। 2016 में गुरुग्राम जेल में उसकी मुलाकात दीपक उर्फ टीनू भवानी से हुई, जो लारेंस बिश्नोई-संपत नेहरा गैंग का सदस्य था। वहां वह जोधपुर जेल में बंद लारेंस और फरार चल रहे संपत के संपर्क में आया। फिर उसने काला जठेड़ी से संपत का परिचय कराया।

2017 में संपत नेहरा ने पुलिस पार्टी पर हमला कर टीनू भिवानी को पंचकूला में हरियाणा पुलिस की हिरासत से छुड़ा लिया था। जेल से रिहा होने के बाद राजू बसौदी भी इस नए गिरोह में संपत नेहरा के जुड़े होने के कारण शामिल हो गया। इस नवगठित गिरोह ने दिल्ली एनसीआर में कई हत्याएं की। बाद में नरेश, लारेंस के नाम पर रंगदारी वसूलने लगा। इस दौरान कई अपराधी जैसे अक्षय पालदा, भांडू करोड़ और अन्य भी उसके गिरोह में शामिल हो गए और कई हत्याएं की। नवगठित गिरोह लारेंस, संपत नेहरा, काला जठेड़ी और नरेश सेठी से निर्देश लेता था। 2019 में सफदरजंग अस्पताल जाने के दौरान नरेश हरियाणा पुलिस की हिरासत से भाग गया था।

उसके भगाने के लिए लारेंस ने काला राणा और राजू बसौदी से सहयोग लिया था। 2020 में लारेंस और संपत नेहरा ने उसे पुलिस वैन पर हमला करने और काला जठेड़ी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए कहा। उसने अपने साथियों के साथ गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर पुलिस वैन पर हमला कर दिया और संदीप को भागने में सफल रहे लेकिन भागते समय नरेश खुद पुलिस की गिरफ्त में आ गया, जबकि काला जठेड़ी भागने में सफल हाे गया। नरेश व लारेंस गिरोह हाल के वर्षों में दिल्ली समेत पड़ोस के राज्यों में काफी सक्रिय हो गया।

वर्तमान में नरेश जेल में है और उसका भतीजा अक्षय कैलिफोर्निया में रह रहा है। वह विदेश से व्यवसायियों को काल कर रंगदारी मांगता है। नरेला में घटना के बाद तीनों हरिद्वार भाग गए थे। वहां से जब वे हरियाणा में छिपने के लिए जा रहे थे तभी ढिचाऊं कलां के पास मुठभेड़ के बाद दोनों को पकड़ लिया गया। नरेश का नाम उस वक्त सुर्खियों में आया था जब फिल्म रेडी की शूटिंग के दौरान अभिनेता सलमान खान को मारने की धमकी दी गई थी। लारेंस ने नरेश व संपत नेहरा के साथ साजिश रची थी।

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