मरने से पहले ताजमहल देखना चाहती हूं,बुजुर्ग मां की तमन्ना पूरी करने 1000 किमी स्ट्रेचर पर लाया बेटा

आगरा,(उत्तर प्रदेश)। पौराणिक ग्रंथों में श्रवण कुमार की कथा का जिक्र है। कहा जाता है कि श्रवण कुमार ने अपने मां और पिता को कांवड़ में बैठाकर तीर्थ यात्रा कराई थी। श्रेष्ठ मातृ-पितृ भक्तों में श्रवण कुमार का नाम आज भी मिसाल के तौर पर लिया जाता है। गुजरात के कच्छ में रहने वाले एक युवक ने मां की इच्छा पूरी करते हुए ऐसी ही एक मिसाल कायम की है। कच्छ के रहने वाले इब्राहिम की मां की तमन्ना थी कि वह एक बार आगरा स्थित प्रेम की निशानी ताजमहल देख पाएं। लेकिन कमर की समस्या होने के चलते उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पाती। अब उनके बेटे ने मां को ताजमहल दिखाने के लिए जो काम किया है, उसकी चारों तरफ से सराहना हो रही है।

इब्राहिम अपनी मां की इच्छा पूरी करने के लिए वीलचेयर पर बनाए गए स्ट्रेचर पर उन्हें लेकर एक हजार किलोमीटर का सफर तय कर ताजमहल पहुंचे। इस हाल में ताजमहल देखने की तमन्ना लेकर आई बुजुर्ग महिला को देखकर एएसआई के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी उन्हें ताज दिखाने में मदद की। मंगलवार को इसका विडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

गुजरात के कच्छ के मुंदरा कस्बा में रहने वाले इब्राहिम की मां रजिया बेन की इच्छा थी कि वो मरने से पहले ताजमहल देखना चाहती हैं। मां की इच्छा पूरी करने के लिए इब्राहिम करीब 1 हजार किमी का सफर तय कर सोमवार को ताजमहल परिसर में अपनी मां को लेकर पहुंचे। इब्राहिम ने बताया कि उनकी मां रजिया बेन 32 साल से कमर की समस्या से ग्रसित हैं। वह वीलचेयर पर हैं। ऐसे में मां को ताजमहल लेकर जाने के लिए उन्होंने विशेष स्ट्रेचर तैयार करवाया, जिससे मां को परेशानी न हो और सफर भी आसान हो सके।

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