चीन का स्लीपर सेल निकला तिब्बती, भारत से चीन भेजता था एक्टिवेट सिम

ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। फर्जी आइडी पर एक्टिवेट सिम भारत से चीन भेजने वाला तिब्बती तकल्हा नंदूक के संबंध में चौंकाने वाला पर्दाफाश हुआ है। सूत्रों ने दावा किया है कि पुलिस जांच में तिब्बती तकल्हा चीन का स्लीपर सेल पाया गया है। उसके तार हवाला कारोबार से जुड़े हैं।तिब्बती तकल्हा के पास रिफ्यूजी कार्ड भी नहीं मिला है। चार साल पहले वह पैदल ही नेपाल के रास्ते से बार्डर पार कर भारत आ गया था।

गुजरात से एक व्यक्ति द्वारा तिब्बती के खाते में एक साल में पांच करोड़ की रकम भेजी गई। यह रकम चीन के अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुई है। ऐसे में पुलिस की जांच स्लीपर सेल व हवाला कारोबार की दिशा में आगे बढ़ी है। गुजरात के व्यक्ति के संबंध में अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही वह भी पुलिस के हत्थे चढ़ सकता है। गुजरात से हवाला कारोबार का संचालन हो रहा है। दिल्ली एनसीआर में चीन कंपनियों के निवेश के साथ ही देश विरोधी गतिविधियां भी शुरू हो गई है। तिब्बती का हुलिया चीन के लोगों से मिलता जुलता है, इसका लाभ तिब्बती ने उठाया। वह चीन का नागरिक बनकर कंपनी का निदेशक बना और नौकरी की।

अब उसके संबंध में चीन का स्लीपर सेल होने की बात प्रकाश में आई है। ऐसे में यह बात तय है कि तकल्हा ने चार साल से भारत में रहते दौरान देश संबंधी कई अहम सूचनाएं चीन को लीक की है। तकल्हा से कई अलग-अलग जांच एजेंसी पूछताछ करेंगी। जांच एजेंसियों ने कोर्ट में रिमांड अर्जी दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस मामले को देखते हुए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपने आस-पास रहने वाले किसी भी विदेशी नागरिक की गतिविधि यदि संदिग्ध लगे तो मामले की सूचना पुलिस को जरूर दें। इसके अलावा नया सिम लेते दौरान यदि दुकानदार कहे कि आधार कार्ड देने के बाद अंगूठा का निशान मशीन में नहीं चढ़ा है फिर से अंगूठा लगाना होगा तो उसके बहकावे में न आए।

इससे एक आइडी पर कई सिम दुकानदार एक्टिवेट कर लेते हैं और फिर उनको तिब्बती तकल्हा व उसके जैसे कई अन्य लोगों को बेच देते हैं।एंटी आटो थेफ्ट टीम ने बीते मंगलवार को पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया था। आरोपित फर्जी आइडी पर एक्टिवेट सिम भारत से चीन व नाइजीरिया भेजते थे। सिम का प्रयोग साइबर ठगी व देश सुरक्षा संबंधी सूचना लीक करने में किया जाता है। पकड़े गए आरोपितों में दो विदेशी शामिल है। आरोपितों के कब्जे से फर्जी आइडी पर खरीदे गए 730 सिम, 20 लाख की कीमत की 55 ग्राम अमेरिकी ड्रग्स (मेथाम्फेटामाइन क्रिस्टल एमडीएमए), 40 टेबलेट एमडीएमए, विदेशी वीड (गांजा) बरामद किया था। 730 सिम में से 279 सिम एक्टिवेट मिले थे। आरोपित ड्रग्स सप्लाई की आड़ में एक्टिवेट सिम विदेश भेजने का धंधा करते थे।

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