खुदकुशी नहीं, जेल में बेरहमी से हुआ था डॉ. सचान का कत्ल! 11 साल पुराने केस में सीबीआई कोर्ट में तलब हुए डीजीपी और जेलर

लखनऊ,(उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती के शासनकाल में 11 साल पहले लखनऊ के जेल में डेप्युटी सीएमओ डॉक्टर वाई एस सचान  की संदिग्ध मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने मौत को हत्या और साजिश माना है। इस मामले में कोर्ट ने तत्कालीन डीजीपी, आईजी जोन, जेलर को तलब किया है।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाले में जेल में बंद पूर्व डिप्टी सीएमओ डॉ. वाईएस सचान की लाश 26 जून 2011 में लखनऊ जिला जेल में मिली थी। सीबीआई कोर्ट ने डॉ. सचान की पत्नी मालती सचान की याचिका पर यह आदेश दिया है। उन्होंने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी थी। तत्कालीन मायावती सरकार ने इस मामले को आत्महत्या करार दिया था।

14 जुलाई 2011 को लखनऊ हाई कोर्ट ने सीबीआई को मामला सौंपा था। इसमें 27 सितंबर 2012 को डॉक्टर सचान की मौत को आत्महत्या मानते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। हालांकि मालती सचान की तरफ से इसे चुनौती दी गई। याचिका स्वीकार करते हुए सीबीआई विशेष अदालत ने जांच का निर्देश दिया था। विशेष अदालत ने एक बार फिर अगस्त 2017 में दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को खारिज किया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button