गोद लेकर चौराहे पर लगवाया सीसीटीवी कैमरा, गाजे-बाजे के साथ सम्मानित करने पहुंच गई एडीजी की टीम

गोरखपुर,(उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अपराध रोकने के लिए अनोखी पहल हुई है। यहां बेतियाहता चौराहे पर एक डाग्नोस्टिक संचालक ने सीसीटीवी कैमरा लगवाया तो पुलिस उनके घर बैंड लेकर पहुंच गई। पुलिस बैंड के साथ खुद एडीजी अखिल कुमार, एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई, सीओ कैंट श्यामदेव बिंद और इंसपेक्टर कैंट शशिभूषण राय मौजूद रहे। इस दौरान एडीजी समेत सभी अधिकारियों ने बेतियाहाता चौराहे को गोद लेकर सीसीटीवी कैमरा लगवाने वाले लाइफ डाग्नोस्टिक सेंटर के संचालक अमित गोयल को माला पहनाकर सम्मानित किया।
एडीजी के निर्देश पर 11 जिले में पहल
पूर्व एडीजी ने यह निर्देश जारी किया था कि जोन के 11 जिलों में चौराहों, गलियों और मोहल्लों को गोद लेकर सीसीटीवी लगवाने वाले व्यक्तियों के घर पुलिस का बैंड बजाया जाएगा। खुद एडीजी गोरखपुर जोन बैंड बाजे के साथ उनके घर पहुंचेंगे। माला पहनाकर उन्हें सम्मानित करेंगे। ये सब इसलिए किया जा रहा है, ताकि ज्यादातर लोग आगे आएं। क्राइम कंट्रोल के साथ अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को मदद मिल सके। एडीजी अखिल कुमार ने बताया, “अभियान चलाकर जोन के 11 जिले गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती के हर चौराहों, गलियों, मोहल्लों में सीसीटीवी लगवाया जा रहा है। इसमें उन शहरों के जनप्रतिनिधि, डॉक्टर, कोचिंग संचालक, व्यापारी से मदद ली जा रही है।
क्राइम करके भाग नहीं सकेंगे अपराधी
एडीजी का मानना है कि पहले लोग सीसीटीवी कैमरा नहीं लगवाते थे। अब घर और दुकान के बाहर कैमरा लगवाए जा रहे हैं। आईटीएमएस के तहत भी गोरखपुर जैसे बड़े शहर में चौराहों पर कैमरे लगे हैं। जिसकी मदद पुलिस को मिल रही है। लेकिन यह नाकाफी है। अभी भी कई गलियां, मोहल्ले, देहात के क्षेत्र सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। जिससे पुलिस को क्राइम के बाद अपराधियों को पकड़ने में दिक्कत आती है। उनका कहना है कि जब चारों तरफ चाहे वह गली हो, चौराहा हो, मोहल्ला हो, गांव हो कैमरा होगा तो अपराधी भी अपराध करने से हिचकिचाएगा। अगर उसने कोई वारदात कर भी दिया तो उसे आसानी से कैमरों की मदद से पकड़ा जा सकता है।
एक चौराहे पर खर्च होंगे 50 हजार
एडीजी ने बताया कि एक चौराहे को सीसीटीवी से लैश करने पर करीब 50 हजार रुपये खर्च होंगे। इस लिए शहर के व्यापारियों आदि से मदद लिया जाएगा। हालांकि पहले से भी कुछ व्यापारियों ने कुछ चौराहों को गोद लेकर कैमरे लगवाए हैं। लेकिन बैंड उनके घर पर नहीं बजेगा।यह केवल त्रिनेत्र अभियान के तहत कैमरा लगवाने वालों के घर पर बजेगा। एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि जोन के सभी जिलों को सीसीटीवी लगाने के अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ें और पुलिस की मदद करें इसलिए उनके सम्मान के लिए बैंड बजवाने का फैसला लिया गया है।




