रोहिणी जिला पुलिस ने बुजुर्गों और दृष्टिबाधित लोगों के साथ मनाया दीपावली मिलन समारोह
रोहिणी जिला पुलिस ने दीपावली के अवसर पर विभिन्न वृद्धाश्रमों और कल्याणकारी संस्थानों में बुजुर्गों तथा दृष्टिबाधित लोगों के साथ दीपावली मिलन समारोह मनाया। डीसीपी शशांक जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिठास भरे पल साझा कर सभी को शुभकामनाएं दीं।

नई दिल्ली। दीपावली के पर्व पर खुशियां और अपनत्व बांटने की भावना के साथ रोहिणी जिला पुलिस ने विभिन्न वृद्धाश्रमों और कल्याणकारी संस्थानों में रह रहे बुजुर्गों तथा दृष्टिबाधित लोगों के साथ दीपावली मिलन समारोह आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य समाज के इन वर्गों के बीच त्योहार की खुशियां साझा करना और उन्हें सम्मान, अपनापन तथा साथ होने का एहसास कराना रहा।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल के नेतृत्व में जिले के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-प्रथम तनुश्री और सहायक पुलिस आयुक्त ब्रज मोहन मीणा ने रोहिणी स्थित शिव आश्रय वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। वहीं, केएनके मार्ग थाना पुलिस के कर्मचारियों ने सेक्टर-17 स्थित कमला बख्शी वृद्धाश्रम में पहुंचकर वहां रह रहे बुजुर्गों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
इसी क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त बेगमपुर सार्थक त्यागी ने लुई ब्रेल ब्लाइंड वेलफेयर ट्रस्ट का दौरा किया। यहां उन्होंने दृष्टिबाधित लोगों के साथ दीपावली मिलन समारोह में हिस्सा लिया और उन्हें त्योहार की शुभकामनाएं दीं। पुलिस अधिकारियों ने संस्थानों में रह रहे लोगों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और खुशियों के पल साझा किए। कार्यक्रम के दौरान आत्मीयता, मुस्कान और सौहार्द का माहौल देखने को मिला।
रोहिणी जिले के अन्य वृद्धाश्रमों में भी पुलिसकर्मियों की ओर से इसी तरह के दीपावली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से बुजुर्गों को सम्मान और अपनत्व का एहसास कराने के साथ यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि पुलिस समाज के हर वर्ग के साथ खड़ी है।
रोहिणी जिला पुलिस ने इस पहल के जरिए वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा, कल्याण और सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास तथा सामाजिक जुड़ाव मजबूत होता है। साथ ही समाज में संवेदनशीलता, समावेशिता और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है।




