कौशाम्बी में ऑपरेशन सवेरा के तहत बड़ी कार्रवाई, 16.758 किलो गांजे के साथ नौ आरोपी गिरफ्तार
कौशाम्बी में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के निर्देशन में छह थानों की पुलिस ने ऑपरेशन सवेरा के तहत कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 16 किलो 758 ग्राम गांजा बरामद किया।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी,उत्तर प्रदेश। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छह थाना क्षेत्रों में की गई अलग-अलग कार्रवाइयों के दौरान पुलिस ने कुल 16 किलो 758 ग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में मंझनपुर, सराय अकिल, चरवा, पिपरी, संदीपनघाट और कोखराज थानों की पुलिस टीमें शामिल रहीं।
पुलिस के अनुसार, पुलिस मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंझनपुर पुलिस ने एक आरोपी के कब्जे से 1 किलो 296 ग्राम, सराय अकिल पुलिस ने दो आरोपियों से चार किलो, चरवा पुलिस ने एक आरोपी से 1 किलो 300 ग्राम, पिपरी पुलिस ने दो आरोपियों से 2 किलो 20 ग्राम और संदीपनघाट पुलिस ने एक आरोपी से 1 किलो 65 ग्राम गांजा बरामद किया। वहीं, कोखराज पुलिस ने दो आरोपियों के कब्जे से 7 किलो 77 ग्राम गांजा बरामद किया, जो इन छह थाना क्षेत्रों में हुई बरामदगी में सर्वाधिक है।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सूरज मौर्य निवासी भीखमपुर, फतेहपुर, सुनील पाल उर्फ सिपाही लाल पाल और विजय मौर्य निवासी हसीमपुर किनार, सराय अकिल, अनुपम कुमार मिश्रा निवासी कादीपुर, मंझनपुर, अनुराग त्रिपाठी निवासी बिदनपुर ककोढ़ा, कोखराज, राहुल कुमार पाण्डेय उर्फ रोहित निवासी ओसा, मंझनपुर, देवेश त्रिपाठी निवासी जाठी, शिवम केशरवानी निवासी इचौली, कोखराज तथा नितेश कुमार निवासी मंसूर नगर, मंझनपुर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई है। एक ही अभियान के दौरान जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से इतनी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद तस्करी के नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यह जानना अहम होगा कि गांजे की आपूर्ति कहां से की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ रही है कि जांच को केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि गांजे की आपूर्ति करने वाले बड़े सप्लायरों और पूरे तस्करी नेटवर्क की भी पहचान की जाए। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। अब जांच के दौरान इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सरगनाओं के बारे में क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।




