वायरल संक्रमण से जूझते हुए किमी एंटोनेली ने रचा इतिहास, 20 साल की उम्र में बने फॉर्मूला वन के सबसे युवा विश्व चैंपियन
20 साल के मर्सिडीज के ड्राइवर किमी एंटोनेलिया ने एफ-1 का वर्ल्ड चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया है। इटली के एंटोनेली एफ-1 वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले सबसे युवा ड्राइवर बने।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इटली के युवा रेसिंग ड्राइवर और मर्सिडीज टीम के स्टार किमी एंटोनेली ने मोटर स्पोर्ट्स की दुनिया में इतिहास रच दिया है। महज 20 साल और 68 दिन की उम्र में उन्होंने फॉर्मूला वन विश्व चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। मैक्सिको सिटी में आयोजित मैक्सिकन ग्रांप्रि में तीसरा स्थान हासिल करते ही एंटोनेली ने विश्व चैंपियन बनने की औपचारिकता पूरी कर ली। इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी के दिग्गज ड्राइवर सेबेस्टियन वेटल का सबसे कम उम्र में विश्व चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
एंटोनेली की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि मैक्सिकन ग्रांप्रि से ठीक पहले वह वायरल संक्रमण की चपेट में आ गए थे। 25 अक्टूबर को अमेरिका के ऑस्टिन में आयोजित अमेरिकी ग्रांप्रि जीतने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी। बीमारी के कारण उन्हें मैक्सिको सिटी ग्रांप्रि से पहले गुरुवार को निर्धारित मीडिया कार्यक्रमों से छूट दी गई थी। मर्सिडीज टीम ने उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें आराम करने का अवसर दिया था। हालांकि, टीम को उम्मीद थी कि वह अगले दिन अपनी नियमित गतिविधियों में लौट आएंगे।
बीमारी के बावजूद एंटोनेली ने मैक्सिकन ग्रांप्रि में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। रेस से पहले उन्हें विश्व चैंपियन बनने के लिए कम से कम नौवें स्थान पर रहना जरूरी था। लेकिन उन्होंने इससे बेहतर प्रदर्शन किया। 71 लैप की इस रेस में रेड बुल के मैक्स वर्सटापेन ने पहला और फरारी के लुईस हैमिल्टन ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि एंटोनेली तीसरे स्थान पर रहे। इस परिणाम के साथ ही 2026 का विश्व ड्राइवर्स चैंपियनशिप खिताब उनके नाम हो गया।
रेस के अंतिम क्षण एंटोनेली के लिए बेहद भावुक रहे। उन्होंने बताया कि अंतिम लैप में उनकी आंखों में आंसू आ गए थे, जिसके कारण उन्हें आगे देखने में भी परेशानी हो रही थी। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें लगा कि उन्होंने लगभग दो सेकेंड गंवा दिए, क्योंकि वह ठीक से सामने नहीं देख पा रहे थे। फिनिश लाइन पार करने के बाद उन्होंने रेडियो पर भावुक आवाज में कहा, ”हमने कर दिखाया, हमने कर दिखाया।” उनके मुताबिक, गो-कार्टिंग के शुरुआती दिनों से लेकर विश्व चैंपियन बनने तक का पूरा सफर उस समय उनकी आंखों के सामने घूम रहा था।
एंटोनेली ने यह उपलब्धि हासिल कर सेबेस्टियन वेटल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। वेटल ने वर्ष 2010 में 23 साल और 134 दिन की उम्र में अपना पहला विश्व खिताब जीता था। वहीं एंटोनेली ने 20 साल और 68 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। वह फॉर्मूला वन के इतिहास में सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बन गए हैं। इसके साथ ही वह 1953 में अल्बर्टो अस्कारी के बाद विश्व चैंपियन बनने वाले पहले इतालवी ड्राइवर भी हैं।
एंटोनेली का यह सफर आसान नहीं रहा। अपने शुरुआती फॉर्मूला वन करियर में उन्हें कई कठिन परिस्थितियों और प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ब्रिटिश, बार्सिलोना और ऑस्ट्रिया ग्रांप्रि जैसी रेसों में उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने अपनी गति और प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखी। मर्सिडीज टीम के साथ उनका तालमेल और पूरे सीजन में मिले लगातार अच्छे परिणाम उनकी सफलता के प्रमुख आधार बने।
मैक्सिकन ग्रांप्रि में उनकी सफलता के पीछे पूरी टीम का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। मर्सिडीज के लिए यह खिताब विशेष महत्व रखता है, क्योंकि एंटोनेली टीम के युवा कार्यक्रम से निकलकर विश्व चैंपियन बनने वाले ड्राइवर बने हैं। उनके टीम साथी जॉर्ज रसेल ने भी पूरे सत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन एंटोनेली ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
इस उपलब्धि के साथ एंटोनेली ने न केवल अपने देश इटली को गौरवान्वित किया है, बल्कि दुनिया भर के युवा रेसिंग खिलाड़ियों के लिए भी एक नई मिसाल कायम की है। 20 वर्ष की उम्र में विश्व चैंपियन बनना उनकी प्रतिभा, मेहनत और निरंतरता का प्रमाण है। वायरल संक्रमण जैसी स्वास्थ्य संबंधी चुनौती के बीच मैक्सिकन ग्रांप्रि में पोडियम हासिल करना उनके लिए इस ऐतिहासिक सीजन को यादगार बनाने वाला क्षण साबित हुआ।
फॉर्मूला वन की दुनिया में अब किमी एंटोनेली का नाम सबसे कम उम्र में विश्व चैंपियन बनने वाले ड्राइवर के रूप में दर्ज हो चुका है। उनकी इस उपलब्धि ने यह भी साबित किया है कि मोटर स्पोर्ट्स में उम्र से अधिक महत्व प्रतिभा, अनुशासन, तकनीकी समझ और लगातार बेहतर प्रदर्शन का होता है।




