एनएसयूआई का दिल्ली पुलिस पर मारपीट का आरोप, कहा—‘बोलो, दिल्ली पुलिस तुम्हारी पापा है’
एनएसयूआई से जुड़े छात्र धर्मेंद्र ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और एक पुलिसकर्मी ने मारते हुए कहा कि बोलो कि दिल्ली पुलिस तुम्हारी पापा है।

नई दिल्ली,एजेंसी। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर अपने कार्यकर्ताओं, विशेषकर महिला सदस्यों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। संगठन ने कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में कनॉट प्लेस थाने के बाहर धरना देने का आह्वान किया है।
एनएसयूआई से जुड़े धर्मेंद्र नाम के एक छात्र ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और थाने में उनके साथ मारपीट की। छात्र का दावा है कि पिटाई के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनसे कथित तौर पर कहा, “बोलो कि दिल्ली पुलिस तुम्हारी पापा है।” धर्मेंद्र के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने छात्रों से यह भी कहा कि उनके प्रदर्शन के कारण वे न तो ठीक से सो पा रहे हैं और न ही खाना खा पा रहे हैं। छात्र ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनसे यह भी पूछा कि वे अपने घरों में क्यों नहीं रहते।
संगठन का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कनॉट प्लेस थाने पहुंचाया गया, जिनमें से कुछ को अब तक रिहा नहीं किया गया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच, सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित एक वीडियो में कथित तौर पर एक महिला पुलिस अधिकारी एनएसयूआई की एक महिला सदस्य के बाल खींचते हुए उसे बस में ले जाती दिखाई दे रही है। बताया गया कि बस के माध्यम से हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। वीडियो में दिखाई दे रही घटना और उसके पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
एनएसयूआई ने अपने आधिकारिक सामाजिक माध्यम खाते पर पोस्ट जारी कर अपने सदस्यों के साथ कथित व्यवहार की निंदा की। संगठन ने सवाल उठाया कि अपने अधिकारों और लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। संगठन ने कहा कि लाठियों और दमन से आवाजों को दबाया जा सकता है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं तोड़ा जा सकता।
इससे पहले कांग्रेस की छात्र इकाई ने कनॉट प्लेस स्थित राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर सात पर अचानक प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। एनएसयूआई के मुताबिक, प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने किया। उन्हें सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। एनएसयूआई ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को लेकर विरोध जताया है। मामले में पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।




