मुर्शिदाबाद में सेना का फर्जी कर्नल गिरफ्तार, वॉकी-टॉकी और नकली पहचान पत्र समेत कई सामान बरामद
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आर्मी इंटेलिजेंस की टीम ने कार्रवाई की है। फर्जी कर्नल तरुण दास को गिरफ्तार किया है। उसके पास तीन वॉकी-टॉकी और भारत सरकार लिखी गाड़ी मिली है। आर्मी इंटेलिजेंस की टीम मामले की जांच कर रही है।

कोलकाता,एजेंसी। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस ने सेना का फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को कथित तौर पर ठगने के आरोप में तरुण दास को गिरफ्तार किया है। नबाग्राम थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से भारत सरकार का स्टीकर लगी एक गाड़ी, तीन वॉकी-टॉकी, कई मोबाइल फोन, नकली पहचान पत्र, संदिग्ध दस्तावेज, नकदी और धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है। मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संभावित पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, सागरदीघी निवासी आरोपी कथित तौर पर खुद को सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल और सैन्य खुफिया शाखा का अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमाता था। वह सेना की वर्दी पहनने के साथ कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता था। उस पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठने के आरोप भी हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद कोलकाता की सैन्य खुफिया टीम आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जांच के दौरान उसके फर्जी सैन्य अधिकारी होने और कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले सामने आने के बाद तलाशी अभियान चलाया गया। रविवार को नबाग्राम थाना क्षेत्र के एक जांच नाके पर उसे हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई में कोलकाता की सैन्य खुफिया टीम ने पुलिस के साथ समन्वय किया।
पुलिस अब बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी इन सामानों का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए करता था और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
स्थानीय स्तर पर आरोपी की असली पहचान को लेकर लोगों को जानकारी नहीं होने की बात भी सामने आई है। बताया गया है कि वह सैन्य अधिकारी की वर्दी पहनकर घर से निकलता था, जिससे आसपास के लोगों को उस पर संदेह नहीं हुआ। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।




