गोवंश के लिए 61 रुपये प्रतिदिन सहायता की मांग, गौ सेवा मिशन की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू
पंजाब की गौशालाओं के लिए प्रति गोवंश प्रतिदिन 61 रुपये की सहायता राशि की मांग को लेकर चंडीगढ़ में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। साधु-संतों और गौभक्तों ने सरकार से तत्काल सहायता जारी करने की अपील की।
चंडीगढ़,एजेंसी। पंजाब की सरकारी और निजी गौशालाओं को प्रत्येक गोवंश के लिए प्रतिदिन 61 रुपये की सहायता राशि दिए जाने की मांग को लेकर गौ सेवा मिशन ने वीरवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। सेक्टर-39 डी स्थित श्री कृष्ण प्रणामी निज दरबार में आयोजित आंदोलन में बड़ी संख्या में साधु-संत, गौशाला संचालक और गोभक्त शामिल हुए।
गौ सेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी श्री कृष्णानंद महाराज (भूरी वाले) के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में संत समाज से जुड़े स्वामी श्यामानंद महाराज सहित कई संतों ने हिस्सा लिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि पंजाब में करीब 550 सरकारी और निजी गौशालाएं संचालित हो रही हैं, जहां हजारों गोवंश की देखभाल की जा रही है। पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिलने से इन गौशालाओं के सामने आर्थिक संकट बना हुआ है।
संत समाज के अनुसार, गौशालाओं को प्रति गोवंश प्रतिदिन 61 रुपये की सहायता देने की मांग लंबे समय से सरकार के समक्ष उठाई जा रही है। आंदोलनकारियों ने पंजाब सरकार से इस सहायता राशि को तत्काल लागू करने की मांग की है, ताकि गौशालाओं में गोवंश के लिए चारा, उपचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था हो सके।
स्वामी श्री कृष्णानंद महाराज ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि गौशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किए बिना गोवंश के संरक्षण का उद्देश्य पूरा करना कठिन है। उन्होंने सरकार से प्रति गोवंश प्रतिदिन 61 रुपये की सहायता राशि तत्काल जारी करने की अपील की।
आंदोलनकारियों ने बेसहारा गोवंश की समस्या का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि गांवों और शहरों की सड़कों पर बेसहारा गोवंश की संख्या बढ़ने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। कई हादसों में लोगों की जान जाने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने बेसहारा गोवंश को सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था किए जाने की मांग की।
गौ सेवा मिशन ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी। आंदोलनकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होकर गोवंश संरक्षण की इस मुहिम को समर्थन देने की अपील की।




