सोना तस्करी मामले में अभिनेत्री रान्या राव और तीन अन्य पर 271 करोड़ का लगा जुर्माना
कन्नड़ एक्ट्रेस हर्षवर्धिनी रान्या राव और तीन अन्य पर सोने की तस्करी के आरोप में कुल 270.8 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

बेंगलुरु,एजेंसी। कथित सोना तस्करी मामले में कन्नड़ अभिनेत्री हर्षवर्धिनी रान्या राव और तीन अन्य आरोपियों पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच करीब 127.287 किलोग्राम सोने की कथित तस्करी की गई, जिसकी कीमत लगभग 102.55 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले की जांच के दौरान अभिनेत्री और उसके कथित सहयोगियों के खिलाफ तस्करी तथा हवाला के जरिए लेन-देन से जुड़े आरोप सामने आए हैं।
मामला तीन मार्च 2025 को उस समय सामने आया था, जब दुबई से बेंगलुरु पहुंची रान्या राव को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने कथित तौर पर 14.213 किलोग्राम सोने के साथ पकड़ा था। बरामद सोने की कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये बताई गई थी। जांच के दौरान उसके आवास से करीब 2.67 करोड़ रुपये नकद और 2.06 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण भी बरामद किए गए थे।
जांच एजेंसी के अनुसार रान्या राव को कथित तस्करी की मुख्य कड़ी माना गया है। उसके साथ तेलुगु अभिनेता तरुण कोंडुरु राजू उर्फ विराट कोंडुरु और हवाला कारोबारी साहिल सकारिया जैन समेत अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की गई। एजेंसी का आरोप है कि दुबई से सोना भारत लाने के बाद उसे घरेलू बाजार में बेचने और बिक्री से प्राप्त रकम को हवाला तथा बैंकिंग माध्यमों के जरिए इधर-उधर करने की व्यवस्था की गई।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर रान्या राव पर 102.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। तरुण कोंडुरु राजू पर 62.1 करोड़ रुपये, जबकि साहिल सकारिया जैन और भरत कुमार जैन पर अलग-अलग 53.1 करोड़ रुपये के जुर्माने की जानकारी दी गई है। ये जुर्माने सीमा शुल्क कानून के तहत कथित तस्करी गतिविधियों से संबंधित हैं।
डीआरआई की जांच में दावा किया गया कि रान्या राव ने सोना शरीर पर छिपाकर भारत लाने के साथ पहले भी कई यात्राओं के दौरान तस्करी की। एजेंसी के मुताबिक मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 127 किलोग्राम से अधिक सोना भारत लाया गया। इनमें कई ऐसी खेपें भी शामिल थीं, जिन्हें जांच एजेंसी मौके पर जब्त नहीं कर सकी।
जांच एजेंसियों के अनुसार रान्या राव के आवास की तलाशी में मिले नकद और आभूषणों को भी कथित तस्करी से जुड़े लेन-देन से जोड़ा गया है। इसके अलावा मामले की जांच में डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित साक्ष्यों का परीक्षण किया गया।
जांच एजेंसियों ने कथित तस्करी के नेटवर्क में दुबई से सोने की व्यवस्था, भारत में उसकी बिक्री और हवाला के जरिए भुगतान की कड़ियों की भी पड़ताल की है। फरवरी 2026 में प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामले में आरोपपत्र दाखिल करते हुए मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच 127.287 किलोग्राम सोने की कथित तस्करी और करीब 102.55 करोड़ रुपये के मूल्य का उल्लेख किया था।
मामले में आरोपितों को संबंधित आदेश के खिलाफ निर्धारित अवधि में सीमा शुल्क आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील का अधिकार है। तस्करी और धन के लेन-देन से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक एवं कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।




