मुंबई के शिवाजी पार्क में शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध-प्रदर्शन शिवाजी पार्क में शुरू हो गया है। अभिजीत दिपके की अगुवाई में शुरू प्रोटेस्ट में नसीरुद्दीन शाह, विशाल ददलानी भी जोश भरने पहुंचे।

मुंबई,एजेंसी। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके की अगुवाई में शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन शुरू हुआ। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग जुटे। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और गायक-संगीतकार विशाल ददलानी समेत कई लोगों ने भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर समर्थन जताया।
मुंबई पुलिस की स्पेशल ब्रांच के अनुमान का हवाला देते हुए रिपोर्टों में बताया गया कि शाम करीब चार बजे तक शिवाजी पार्क में करीब नौ से दस हजार लोग मौजूद थे। सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सीजेपी ने इसे ‘जेल भरो आंदोलन’ की शुरुआत बताया है।
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे तो प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की भी आलोचना की। उनके इन बयानों और सीजेपी के आरोपों को पार्टी के राजनीतिक दावों के तौर पर देखा जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में सीईसी के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर और नारे लिखी तख्तियां थीं। इनमें ज्ञानेश कुमार को लेकर व्यंग्यात्मक मीम्स और नारे भी शामिल रहे। सीजेपी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रही है और इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर सीईसी के इस्तीफे की मांग कर रही है।
इससे पहले सीजेपी ने 2 अक्टूबर से देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की थी। अभिजीत दिपके के मुताबिक, यदि सीईसी ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो अक्टूबर के अंत में दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने मतदाता सूची में संशोधन और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी अपनी मांगें रखी हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए मुंबई पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने दादर स्टेशन तथा शिवाजी पार्क के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और कानून-व्यवस्था तथा यातायात व्यवस्था पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। इलाके के कुछ स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन से रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका जताते हुए आपत्ति भी दर्ज कराई।
सीजेपी के प्रदर्शन के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। ऐसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और उनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित संस्थागत या कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर ही तय होंगे।


