मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शन के बीच इलाज न मिलने से महिला की हुई मौत
कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्सों के प्रदर्शन के बीच उपचार के लिए पहुंची 40 वर्षीय महिला फूलमती की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि प्रदर्शन के चलते महिला को समय पर उपचार नहीं मिल सका, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। महिला की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी,उत्तर प्रदेश। कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्सों के प्रदर्शन के बीच एक महिला मरीज की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि गंभीर हालत में महिला को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था, लेकिन प्रदर्शन के चलते समय पर इलाज नहीं मिल सका। उपचार के अभाव में महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए।
सिराथू तहसील क्षेत्र के हवेली खालसा गांव निवासी फूलमती (40) की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे उपचार के लिए कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज मंझनपुर लेकर पहुंचे थे। तीमारदारों के मुताबिक, उन्होंने डॉक्टरों से महिला का तत्काल उपचार करने की गुहार लगाई, लेकिन उस समय अस्पताल में स्टाफ नर्सों का प्रदर्शन चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि उपचार नहीं मिलने से महिला की हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मौत हो गई।
मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ समय से मरीजों के उपचार के दौरान सोने और हीरे की अंगूठी समेत अन्य जेवर चोरी होने के आरोप स्टाफ नर्सों पर लगाए जाने की बात सामने आ रही है। इन मामलों को लेकर पुलिस तक शिकायतें पहुंचने की भी बात कही जा रही है। इन्हीं आरोपों के विरोध में स्टाफ नर्सों के प्रदर्शन के चलते अस्पताल की उपचार व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप लगाया गया है।
महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए और गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है। वहीं, घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, महिला की मौत का वास्तविक कारण और इलाज के दौरान चिकित्सकीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण है। घटना के बाद अब अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था, प्रदर्शन के दौरान आपातकालीन सेवाओं की स्थिति और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।




