आजादी के 79 साल बाद भी गांव तक नहीं पहुंची सड़क! सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आमरण अनशन शुरू
बिहार के कैमूर जिले में एक गांव की तस्वीर आज भी बदहाल है। स्थिति ये है कि आजादी को 80 वर्ष होने को चले हैं, लेकिन इस गांव में सड़क नहीं बन पाई है। खासकर पक्की सड़क का इंतजार करते- करते ग्रामीण अब आमरण अनशन की राह पर निकल पड़े हैं।

कैमूर/बिहार। आजादी के बाद से गांव तक पक्की सड़क नहीं बनने से नाराज ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। मामला दुर्गावती प्रखंड की ढड़हर पंचायत का है, जहां पिपरी पुलिया से उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुड़ारी तक कच्ची सड़क के पक्कीकरण की मांग को लेकर पूर्व मुखिया भाई चंद्र रावत, मनोज राजभर सहित करीब आधा दर्जन लोग पिपरी गांव के पास अनशन पर बैठे हैं। अनशनकारियों ने इसकी लिखित सूचना कैमूर डीएम समेत संबंधित अधिकारियों को दी है।
अनशनकारी मनोज राजभर ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक इस सड़क का पक्कीकरण नहीं हुआ है। इस रास्ते से ढड़हर, पिपरी, मझवा, कान्हपुर, बिलखुरी, धनसराय, सखेलीपुर और बढ़ौरी समेत कई गांवों के बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। बरसात के दिनों में सड़क पर कीचड़ हो जाने से विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
उन्होंने बताया कि सड़क का सर्वे और डीपीआर पहले ही तैयार हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया है। सीधा रास्ता नहीं होने के कारण ग्रामीणों को जीटी रोड, कर्मनाशा हाईवे और भानपुर होकर करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
अनशनकारियों ने तैयार डीपीआर के आधार पर एमजीएसवाई योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। अनशन में पूर्व मुखिया भाई चंद रावत के अलावा अलीहार सिंह यादव, जय नारायण राजभर और अरुण राजभर भी शामिल हैं।
रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बसपा विधायक सतीश यादव उर्फ पिंटू ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए पहले कराया गया टेंडर सरकार ने निरस्त कर दिया था। दोबारा टेंडर कराने के लिए उन्होंने संबंधित सचिव को पत्र लिखा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।



