राहुल गांधी के 7 घंटे धरने के बाद जंतर-मंतर पर पैलेट गन के कथित इस्तेमाल मामले में केस दर्ज, पुलिस ने सौंपी एफआईआर की कॉपी
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल के मामले में साहिल लोचव की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को शिकायतकर्ता साहिल लोचव की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में अब पुलिस आरोपों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का कथित इस्तेमाल किसने और किन परिस्थितियों में किया।
एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। राहुल गांधी का आरोप था कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कुछ जवानों ने कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया, जिससे कई छात्र घायल हुए।
राहुल गांधी ने इस मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस की ओर से तत्काल मामला दर्ज नहीं किए जाने पर वह डीसीपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा था कि जब तक पैलेट गन के कथित इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तब तक वह थाने में ही रहेंगे।
धरने के दौरान राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर युवाओं के साथ कथित तौर पर बर्बर व्यवहार करने का आरोप लगाया। उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने संसद मार्ग थाने के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और बैरिकेडिंग कर दी। कनॉट प्लेस की ओर से संसद मार्ग थाने की तरफ आने वाले वाहनों की आवाजाही भी कुछ समय के लिए रोक दी गई।
अब साहिल लोचव की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जांच के दौरान प्रदर्शन के वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप कितना सही है और यदि इसका इस्तेमाल हुआ तो इसके लिए कौन जिम्मेदार था। मामले में एफआईआर में लगाई गई धाराओं और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




