तेज बारिश में गरीब का कच्चा मकान ढहा, सात लोग बाल-बाल बचे
फतेहपुर के खखरेरू नगर के वार्ड नंबर 15 सोथरापुर में तेज बारिश के चलते ओमकार तिवारी का कच्चा मकान ढह गया। हादसे में घर में मौजूद सात लोग बाल-बाल बच गए, लेकिन घरेलू सामान, अनाज और कपड़े मलबे में दबकर खराब हो गए। घायल पत्नी और छोटे बच्चों समेत परिवार खुले में रहने को मजबूर है। पीड़ित ने प्रशासन से राहत, अस्थायी आवास और आर्थिक सहायता की मांग की है।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। खखरेरू नगर के वार्ड नंबर 15 कृष्णानगर, सोथरापुर में बीती रात हुई तेज बारिश के कारण एक गरीब परिवार का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर में मौजूद परिवार के सभी सात सदस्य बाल-बाल बच गए। मकान गिरने से परिवार का घरेलू सामान, अनाज और कपड़े मलबे में दबकर खराब हो गए। घटना के बाद परिवार के सामने रहने और भोजन की समस्या खड़ी हो गई है।
जानकारी के अनुसार, सोथरापुर निवासी ओमकार तिवारी पुत्र बालकृष्ण का कच्चा मकान लगातार बारिश के कारण पहले से कमजोर हो गया था। रात में तेज बारिश के दौरान अचानक मकान की दीवारें ढह गईं और देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान मलबे में तब्दील हो गया। परिवार के सदस्य किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
ओमकार तिवारी के परिवार में उनकी पत्नी सुमित्रा देवी, दो छोटे बच्चे समेत कुल सात सदस्य हैं। सुमित्रा देवी पहले से चोटिल बताई जा रही हैं। मकान गिरने के बाद घायल महिला और छोटे बच्चों समेत पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
मकान के मलबे में परिवार का रोजमर्रा के इस्तेमाल का जरूरी सामान, अनाज, कपड़े और अन्य घरेलू वस्तुएं दब गईं। अचानक आई इस आपदा से परिवार की आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है। ओमकार तिवारी ने बताया कि पहले से ही पत्नी के इलाज और घर का खर्च चलाना मुश्किल था। अब मकान गिर जाने के बाद परिवार के सामने सिर छिपाने की भी समस्या खड़ी हो गई है।
ओमकार तिवारी ने प्रशासन से तत्काल सहायता की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह खुद दोबारा मकान का निर्माण करा सके। ऐसे में प्रशासन की ओर से राहत और आर्थिक सहायता मिलने पर ही परिवार को बड़ी राहत मिल सकेगी।
घटना की जानकारी के बाद स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार की मदद करने की मांग की है। ग्रामीणों ने परिवार को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही अस्थायी आवास और आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में परिवार को खुले में रहने की मजबूरी से राहत मिल सके।




