पाकिस्तान में आज भी मौजूद है भगत सिंह का पैतृक घर, भारतीय यूट्यूबर ने दिखाई सच्चाई की तस्वीर

भारत के एक यूट्यूबर ने पाकिस्तान के फैसलाबाद के पास स्थित शहीदे आजम भगत सिंह के घर का दौरा किया है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर भगत सिंह के घर के हालात को बयां करते हुए एक वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में भगत सिंह के घर को बारीकी से दिखाया गया है।

इस्लामाबाद,एजेंसी। शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर पाकिस्तान स्थित उनकी जन्मभूमि और पैतृक घर एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय यूट्यूबर मनोज कुमार ने करीब तीन महीने पहले पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले के बंगा गांव स्थित भगत सिंह के पैतृक घर का दौरा किया था। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवलिंग मंत्रा’ पर इस दौरे का वीडियो साझा किया, जिसमें घर और आसपास के क्षेत्र की मौजूदा स्थिति दिखाई गई है।
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को तत्कालीन लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था, जो अब पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले में है। उनकी जयंती हर वर्ष 28 सितंबर को मनाई जाती है। इस अवसर पर उनके जन्मस्थान और उनसे जुड़े ऐतिहासिक स्थलों की चर्चा होती है।
मनोज कुमार द्वारा साझा किए गए वीडियो में बंगा गांव तक पहुंचने वाला रास्ता, गांव का परिवेश और भगत सिंह से जुड़े स्थल दिखाई देते हैं। वीडियो के अनुसार, गांव में भगत सिंह के नाम का एक बोर्ड लगा है और उनके पैतृक घर के परिसर में उनकी जीवनी से संबंधित जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। घर के आंगन में एक बेर का पेड़ भी दिखाई देता है, जिसे स्थानीय मान्यता के अनुसार भगत सिंह से जोड़ा जाता है। इस पेड़ को भगत सिंह द्वारा लगाए जाने की बात को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
वीडियो में घर के अंदर भगत सिंह और उनके परिवार से संबंधित तस्वीरें तथा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी अन्य सामग्री दिखाई गई है। मनोज कुमार के अनुसार, वहां भगत सिंह से संबंधित अभिलेखों और दुर्लभ तस्वीरों के साथ ऊधम सिंह, दुर्गा भाभी और चंद्रशेखर आजाद जैसे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े व्यक्तित्वों की तस्वीरें भी मौजूद हैं। ये विवरण उनके वीडियो और उनके द्वारा बताए गए अनुभव पर आधारित हैं।
पाकिस्तान में भगत सिंह के जन्मस्थान और पैतृक घर के संरक्षण को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है। हाल की एक रिपोर्ट में फैसलाबाद जिला प्रशासन की ओर से उनके जन्मस्थान पर स्मारक विकसित करने की योजना पर विचार किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, स्थल के संरक्षण और वहां उपलब्ध सुविधाओं की मौजूदा स्थिति के संबंध में अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।
भगत सिंह के जीवन का लाहौर से भी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संबंध रहा। लाहौर षड्यंत्र मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था और 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में राजगुरु और सुखदेव के साथ फांसी दी गई थी।
मनोज कुमार ने अपने वीडियो में भगत सिंह के पैतृक घर को उनके जीवन और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से जुड़ा स्थल बताया है। पाकिस्तान स्थित इस घर की मौजूदा स्थिति का वीडियो भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उनकी जन्मभूमि और ऐतिहासिक विरासत को फिर चर्चा में ले आया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button