गुरुग्राम में पार्किंग विवाद के बाद कारगिल युद्ध के हीरो पर पर लोहे की रॉड से हमला
गुरुग्राम के मैग्नम ग्लोबल पार्क में पार्किंग विवाद के दौरान 1999 कारगिल युद्ध के नायक रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर पार्किंग अटेंडेंट ने लोहे की रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

गुरुग्राम। मैग्नम ग्लोबल पार्क में पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद कारगिल युद्ध में शामिल रहे भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर लोहे की रॉड से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट लगने और हाथ की हड्डी टूटने की बात कही गई है। घटना गुरुवार रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है, जब वह परिवार के साथ मैग्नम ग्लोबल पार्क स्थित एक रेस्तरां में भोजन करने पहुंचे थे।
बताया गया है कि परिवार को रेस्तरां के बाहर उतारने के बाद अमित कुमार गुप्ता अपनी कार पार्क करने गए। उनके अनुसार, पार्किंग कर्मचारियों ने उन्हें अलग-अलग पार्किंग क्षेत्रों के बीच कई बार भेजा और अंत में कार खड़ी करने से मना कर दिया। इसके बाद जब उन्होंने कार पीछे करने का प्रयास किया तो विवाद बढ़ गया।
गुप्ता का आरोप है कि इसी दौरान एक पार्किंग कर्मचारी ने लोहे की रॉड से उनकी कार की आगे की शीशे को तोड़ने का प्रयास किया। विरोध करने के लिए जब वह कार से बाहर निकले तो कर्मचारी ने कथित तौर पर उन पर रॉड से हमला कर दिया। उनके अनुसार, इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना में उनके सिर और हाथ में चोटें आईं। मामले को लेकर उन्होंने स्थानीय पुलिस से समय पर सहायता नहीं मिलने तथा अस्पताल में कथित तौर पर गलत रिपोर्ट तैयार किए जाने के भी आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
अमित कुमार गुप्ता वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ में लड़ाकू विमान के पायलट थे। उन्हें उस दौरान ‘गूफी’ नाम से भी जाना जाता था। कारगिल युद्ध में वायुसेना के अभियान को ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के नाम से जाना जाता है।
अमित कुमार गुप्ता के कारगिल युद्ध से जुड़े योगदान को हाल में प्रदर्शित एक वृत्तचित्र में भी जगह मिली है। इसमें कारगिल युद्ध के दौरान उनके साहस और भूमिका से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया है। घटना के बाद पार्किंग विवाद में घायल पूर्व वायुसेना अधिकारी का मामला चर्चा में है और पुलिस की कार्रवाई तथा घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




