एआई से पूछे फिरौती मांगने के तरीके, कर्ज उतारने को रची अपहरण की साजिश! 10 वर्ष के मासूम के हत्यारे ने कबूला जुर्म
गोरखपुर में कक्षा चौथी में पढ़ने वाले 10 वर्षीय मासूम का हत्यारा कंप्यूटर टीचर ने अपना जुर्म कबूल लिया है। मासूम की लाश बोर में पड़ोसी के मकान के बेसमेंट में मिली थी।

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। जिले में कक्षा चौथी में पढ़ने वाले 10 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी कंप्यूटर टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और जो कहानी सामने आई है, उसने पूरे इलाके को दहला दिया है।
गौरतलब है कि बीते दिनों मासूम की लाश एक बोरे में भरकर पड़ोसी के मकान के बेसमेंट में फेंकी हुई मिली थी। घटना के बाद से ही पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस का शक पड़ोसी सर्वेश भट्ट उर्फ बिट्टू पर गया, जिसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने पूरी वारदात कबूल कर ली।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सर्वेश भट्ट एक कंप्यूटर कोचिंग सेंटर चलाता है और उस पर करीब 36 लाख रुपये का कर्ज था। हर महीने 28,700 रुपये से अधिक की किस्त और परिवार के तानों से वह मानसिक दबाव में था। इसी दबाव में उसने फिरौती के लिए अपहरण की साजिश रची।
आरोपी ने घर से महज 20 मीटर दूर रहने वाले स्वर्ण व्यवसायी हनुमान वर्मा के पुत्र वैभव वर्मा को गिफ्ट का लालच देकर अपने साथ ले गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बच्चा जोर-जोर से चिल्लाने लगा, जिससे घबराकर उसने उसे जमीन पर पटक दिया और सीने पर घुटना रखकर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को बोरे में भरकर पड़ोसी के मकान के बेसमेंट में छिपा दिया और शक से बचने के लिए खुद भी परिवार के साथ बच्चे की तलाश में शामिल रहा। इसके बाद उसने कंबोडिया के एक नंबर से व्हाट्सएप के जरिए 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, जिसके लिए उसने 199 रुपये खर्च कर विदेशी सिम का उपयोग किया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने फिरौती मांगने के तरीकों के बारे में इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जानकारी जुटाई थी, यहां तक कि उसने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के तरीकों का भी अध्ययन किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से कंबोडिया का सिम कार्ड भी बरामद किया है।
मृतक वैभव वर्मा के दादा लक्ष्मी नारायण वर्मा क्षेत्र के प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसायी हैं। सोमवार को वैभव स्कूल से लौटने के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे साइकिल लेकर घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर आरोपी के साथ जाते हुए उसकी तस्वीर सामने आई।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंच गए और उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी पूर्व में वर्ष 2024 में बिहार के पेपर लीक मामले में भी जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।




