बर्खास्त सिपाही सुनील शुक्ला को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का ऑफर, एक लाख रुपये मासिक वेतन का प्रस्ताव
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक कार्यक्रम में उनकी पिछली सैलरी के बारे में पूछा और एक लाख रुपये हर महीना का ऑफर दिया है। अभी तक सुनील कुमार शुक्ला की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है।

लखनऊ/एजेंसी। उत्तर प्रदेश पुलिस से बर्खास्त सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को सेवा से हटाए जाने के एक महीने के भीतर ही नया रोजगार प्रस्ताव मिल गया है। लखनऊ पुलिस लाइंस में तैनात रहे सुनील शुक्ला को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली के उल्लंघन के आरोप में पहले निलंबित किया गया था और बाद में 28 जून 2026 को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
इसी बीच, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उन्हें अपने साथ कार्य करने का प्रस्ताव दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान स्वामी ने उनकी पूर्व सैलरी के बारे में जानकारी ली और उन्हें एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पर अपने साथ काम करने का ऑफर दिया। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी तक सुनील कुमार शुक्ला की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 बैच के आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला अमेठी जिले के गौरीगंज क्षेत्र के निवासी हैं और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात थे। मई 2026 में उन्होंने ड्यूटी लगाने के नाम पर कथित वसूली और वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए थे।
मामले की जांच के लिए 7 मई 2026 को लखनऊ पुलिस कमिश्नर द्वारा एक जांच समिति का गठन किया गया था। जांच के दौरान उनके आरोपों को निराधार पाया गया। साथ ही, उनसे सबूत प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वे न तो जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए और न ही कोई प्रमाण दे सके।
इसके बाद अनुशासनहीनता, अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा के प्रयोग तथा सोशल मीडिया नीति-2023 और उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के उल्लंघन के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।




