उत्तर प्रदेश के वकीलों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, राज्य विधि अधिकारियों को मिलेंगे टैबलेट
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में आयोजित इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में वकीलों को 5 लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा की घोषणा की है।

प्रयागराज,उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं और उनके परिवारों के लिए सरकार कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी 2025-26 की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा देने की घोषणा की। इसके साथ ही राज्य विधि अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए 400 टैबलेट उपलब्ध कराने और उनकी फीस में 50 प्रतिशत वृद्धि की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाई कोर्ट से लेकर जिला न्यायालयों तक सक्रिय रूप से वकालत कर रहे अधिवक्ताओं को कैशलेस चिकित्सा बीमा योजना से जोड़ा जाएगा। बार काउंसिल के माध्यम से आने वाले प्रस्तावों के आधार पर अधिक से अधिक अधिवक्ताओं को इस सुविधा का लाभ देने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार की इस पहल से अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को उपचार के दौरान आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नई पीढ़ी के अधिवक्ताओं की है। उन्होंने युवा वकीलों का आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल सफल विधि व्यवसायी बनने तक सीमित न रहें, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक की भूमिका भी निभाएं। उन्होंने कहा कि न्यायालय में अधिवक्ता की भूमिका केवल मुकदमे के परिणाम तक सीमित नहीं होती, बल्कि किसी व्यक्ति के विश्वास और उसके जीवन की दिशा को बदलने में भी अधिवक्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने हाई कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं की मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय से की जा रही बहुस्तरीय पार्किंग की मांग को पूरा किया गया है। इसके अलावा अधिवक्ताओं के लिए नए कक्षों का निर्माण भी कराया गया है। उन्होंने बताया कि दस हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए कक्षों का निर्माण किया गया है। बार एसोसिएशन की ओर से इन कक्षों में फर्नीचर और आवश्यक उपकरणों के लिए सरकार से सहयोग की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश की ओर से आने वाले प्रस्तावों पर सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
तकनीक के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य विधि अधिकारियों के लिए भी आधुनिक तकनीक से जुड़ना जरूरी है। इससे उन्हें सरकार से संबंधित मामलों और न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की जानकारी हासिल करने में सुविधा होगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश के 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य विधि अधिकारियों की फीस में 50 प्रतिशत वृद्धि की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार की पहली प्राथमिकता सुशासन है और न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर अधिवक्ताओं ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमित सिंह सोनू ने मुख्यमंत्री को दंडवत प्रणाम कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने नए अधिवक्ता कक्षों की चाबियां भी सांकेतिक रूप से अधिवक्ताओं को सौंपी।




