आईपीएस बुशरा बानो के वीडियो पर विवाद, धार्मिक अभिवादन और शब्दों को लेकर सामाजिक माध्यमों पर छिड़ी बहस
इस बार वह विवादों में हैं। सऊदी अरब की नौकरी छोड़कर आईपीएस बनीं बुशरा बानो का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

कोलकाता,एजेंसी। पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो का एक वीडियो सामाजिक माध्यमों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह वीडियो उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बनाया था, जिसमें उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की आवासीय कोचिंग अकादमी की सुविधाओं और योजना के बारे में जानकारी देते हुए पात्र विद्यार्थियों से इसका लाभ उठाने की अपील की। वीडियो में धार्मिक अभिवादन और कुछ धार्मिक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
वीडियो में बुशरा बानो ने अपना परिचय देते हुए बताया कि वह वर्ष 2021 बैच की भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी हैं और वर्तमान में खड़गपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात हैं। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की आवासीय कोचिंग अकादमी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सुविधा विशेष रूप से अल्पसंख्यक, महिलाओं तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि विदेश से लौटने के बाद संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी के दौरान इस संस्थान से उन्हें काफी मदद मिली।
उन्होंने विद्यार्थियों से इस योजना और उपलब्ध सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। बुशरा बानो ने कहा कि संस्थान में पुस्तकालय सहित पढ़ाई के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं और उन्हें उम्मीद है कि अधिक से अधिक विद्यार्थी यहां रहकर तैयारी करेंगे तथा आगे चलकर देश की सेवा करने का अवसर प्राप्त करेंगे।
वीडियो में बुशरा बानो द्वारा धार्मिक अभिवादन के साथ कुछ धार्मिक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर कुछ लोगों ने सामाजिक माध्यमों पर आपत्ति जताई और उन्हें निशाने पर लिया। कुछ उपयोगकर्ताओं ने उनके शब्दों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के सार्वजनिक संदेश में इस प्रकार की धार्मिक अभिव्यक्तियों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। हालांकि, इन प्रतिक्रियाओं के बाद कई लोग उनके समर्थन में भी सामने आए।
समर्थन करने वाले उपयोगकर्ताओं ने कहा कि किसी अधिकारी द्वारा अपनी व्यक्तिगत आस्था से जुड़े अभिवादन या शब्दों का इस्तेमाल करना देश के प्रति उसकी निष्ठा पर सवाल उठाने का आधार नहीं हो सकता। कुछ लोगों ने बुशरा बानो की संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता और उनकी सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की विविधता में अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान उसकी विशेषता है।
विवाद के बीच कुछ उपयोगकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी के धार्मिक अवसरों से जुड़े सार्वजनिक वीडियो भी साझा किए। उनका कहना था कि यदि किसी अधिकारी की धार्मिक आस्था से जुड़ी गतिविधियों को स्वीकार किया जाता है तो दूसरे अधिकारी के धार्मिक अभिवादन या शब्दों को लेकर अलग मापदंड नहीं होना चाहिए। इस तरह सामाजिक माध्यमों पर बुशरा बानो के वीडियो को लेकर समर्थन और विरोध, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
हालांकि, वीडियो में बुशरा बानो ने मुख्य रूप से संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को उपलब्ध कोचिंग सुविधा की जानकारी देने और पात्र विद्यार्थियों को उसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही थी। विवाद मुख्य रूप से उनके संबोधन में इस्तेमाल धार्मिक शब्दों को लेकर पैदा हुआ है।




