केंद्र सरकार और सीजेपी के बीच दो शर्तों पर बनी बात, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर फंसा पेच
केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच 45 मिनट की अहम बैठक हुई, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित तीन मांगों पर चर्चा हुई। सरकार ने प्रधान के इस्तीफे पर विचार के लिए कल तक का समय मांगा है, जबकि सीजेपी ने मांगें न मानने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों ने प्रमुख मांगों पर चर्चा की। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि सीजेपी का प्रतिनिधित्व आशुतोष राका और सौरव दास ने किया। यह बैठक दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के समीप वीपी हाउस में करीब 45 मिनट तक चली।
बैठक के दौरान सीजेपी ने अपनी तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन मांगों पर विचार करने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है और संकेत दिया है कि बातचीत जारी रहेगी। सीजेपी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा से जुड़े 10 विभिन्न मुद्दों को लेकर भी सरकार को अवगत कराया गया है और शनिवार को अपराह्न साढ़े तीन बजे पुनः वार्ता होगी।
सीजेपी की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए कहा गया कि यदि दो दिनों के भीतर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया गया तो राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आंदोलन का आह्वान किया जाएगा। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो छात्रों का आक्रोश सरकार के खिलाफ बढ़ेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार को सीजेपी की मांगों पर विचार करने के लिए समय चाहिए और आगे भी बातचीत की संभावना बनी हुई है, जिससे यह स्पष्ट है कि फिलहाल कोई गतिरोध नहीं है। बैठक में सीजेपी ने दो टूक कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। हालांकि, सूत्रों के अनुसार सरकार सीजेपी की दो मांगों को मानने के लिए तैयार है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर निर्णय के लिए समय लिया गया है।
सीजेपी ने स्पष्ट किया कि यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन होगा। पार्टी की तीन प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर को वापस लेने की मांग शामिल है।
सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और दो मांगों पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार ने समय मांगा है और शनिवार को दोबारा बैठक होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि दो से तीन दिनों में सभी मांगें नहीं मानी गईं तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या में गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को करीब 25 प्रतिशत की कमी देखी गई। समर्थकों का उत्साह बनाए रखने के लिए अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन की जीत तय है और सभी को डटे रहने की जरूरत है।




