मुंबई लोकल ट्रेन में हुई हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार,मामूली विवाद ने लिया खूनी रूप

मुंबई लोकल ट्रेन में भारी बारिश के दौरान दरवाजा बंद करने को लेकर हुए विवाद में 21 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।

मुंबई/एजेंसी। चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास कोच में मंगलवार रात दरवाजा बंद रखने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक 21 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, विरार निवासी मयंक लोहार और मीरा-भयंदर निवासी 30 वर्षीय रोशन सुवर्णा मंगलवार रात करीब 10:42 बजे अंधेरी स्टेशन से लोकल ट्रेन में सवार हुए थे। भारी बारिश के कारण कोच का दरवाजा बंद रखा गया था, लेकिन इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर दरवाजा खोल दिया, जिससे बारिश का पानी अंदर आ गया। इस पर मयंक ने दरवाजा दोबारा बंद कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई। सहयात्रियों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया और कोच के अलग-अलग हिस्सों में भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान हुई धक्का-मुक्की से आरोपी ने खुद को अपमानित महसूस किया और मयंक को इसका जिम्मेदार माना। जब ट्रेन गोरेगांव और मलाड स्टेशनों के बीच पहुंची, तभी आरोपी ने अपने बैग से चाकू निकालकर मयंक के सीने और पेट पर कई वार कर दिए। हमले के बाद मयंक बेहोश होकर गिर पड़ा। सहयात्रियों द्वारा अस्पताल पहुंचाए जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद आरोपी कोच में चाकू लहराते हुए यात्रियों को धमकाता नजर आया, जिसका वीडियो एक यात्री ने रिकॉर्ड किया। बोरीवली स्टेशन पर पहुंचते ही वह ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। बोरीवली जीआरपी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सात टीमें गठित कीं और 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान आरोपी को बोरीवली वेस्ट से बाहर निकलते और ऑटो से अपने घर जाते हुए देखा गया। बाद में पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर पनवेल से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक संस्था के लिए बारकोड बनाने का काम करता है। यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय वह नशे में था या नहीं, क्योंकि ट्रेन में चढ़ने से पहले उसका एक ऑटो चालक से भी विवाद हुआ था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने चाकू ऑनलाइन अपने एक मित्र के लिए खरीदा था। हालांकि, हत्या में प्रयुक्त हथियार अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है।
इस घटना ने मुंबई लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी ट्रेन में हिंसा की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
कम्यूटर वेलफेयर ग्रुप ‘मुंबई रेल प्रवासी संघ’ ने घटना पर चिंता जताते हुए रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है। संगठन ने मेट्रो की तर्ज पर मेटल डिटेक्टर, सामान की अनिवार्य जांच, ऑटोमैटिक डोर-क्लोजिंग प्रणाली और एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी लागू करने का सुझाव दिया है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की अत्यधिक संख्या और खुले प्रवेश द्वारों के कारण हर व्यक्ति की जांच करना व्यावहारिक रूप से कठिन है, जो सुरक्षा व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती है।

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