लेह में प्रथम सिंधु कुंभ के रूप में 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा का शुभारंभ, 156 देशों के जल से होगा सिंधु अभिषेक

लेह में प्रथम सिंधु कुंभ और 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा शुरू हुई, जिसमें 156 देशों के जल से ऐतिहासिक जलाभिषेक किया जाएगा। इस आयोजन में आठ देशों के राजदूतों सहित 2800 से अधिक श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

जम्मू/एजेंसी। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा का शुभारंभ प्रथम सिंधु कुंभ के रूप में भव्य तरीके से हुआ। देश-विदेश से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं के स्वागत के साथ शुरू हुई यह यात्रा अगले पांच दिनों तक लेह को भारत की सभ्यतागत विरासत, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक मैत्री के केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
मंगलवार को लेह के सिंधु घाट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में 156 देशों से संकलित पवित्र जल का सिंधु नदी में जलाभिषेक किया जाएगा। इस अनूठे आयोजन में लगभग 2800 श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। प्रथम सिंधु कुंभ में शामिल होने के लिए आठ देशों के राजदूतों सहित कई विदेशी अतिथि भी लेह पहुंच चुके हैं।
सिंधु दर्शन यात्रा में भाग लेने के लिए उपभोक्ता मामले एवं जन वितरण राज्य मंत्री निमूबेन जयंती भाई बमभानिया सोमवार को लेह पहुंचीं। उनके साथ आए विदेशी मेहमानों का कुशाक बकुल रिनपोछे एयरपोर्ट पर तिलक, खटक और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत किया गया।
सोमवार शाम को सिंधु भवन में तिरंगा लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं का ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच जोरदार स्वागत हुआ। लद्दाख के विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने देश-विदेश से आए अतिथियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर लद्दाखी कलाकारों सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
मंगलवार को सिंधु घाट पर होने वाले भव्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना करेंगे। इस अवसर पर 156 देशों से लाए गए पवित्र जल का सामूहिक जलाभिषेक किया जाएगा, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करेगा। यह विशेष अनुष्ठान महिलाओं द्वारा आयोजित कलश यात्रा पूजन के साथ संपन्न होगा।
राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और वैश्विक सद्भाव को समर्पित इस आयोजन का नेतृत्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक इंद्रेश कुमार कर रहे हैं। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाले दलों द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
इस बार सिंधु दर्शन यात्रा की खासियत आठ देशों के राजदूतों की सहभागिता है, जो इस आयोजन के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय महत्व को दर्शाती है। फिजी, मॉरीशस, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, इक्वाडोर, चिली और आयरलैंड के प्रतिनिधि इस आयोजन में भाग ले रहे हैं। लेह में आयोजित यह ऐतिहासिक आयोजन न केवल भारतीय सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर रहा है, बल्कि विभिन्न देशों और संस्कृतियों के बीच आपसी सद्भाव और सहयोग को भी सुदृढ़ करने का कार्य कर रहा है।

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