पीलीभीत में बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी मोहम्मद उमर का मकान ध्वस्त, सरकारी जमीन पर बना था अवैध घर
पीलीभीत में 68 वर्षीय मोहम्मद उमर ने नौ वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने उसके दोमंजिला अवैध मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।

पीलीभीत/उत्तर प्रदेश। पीलीभीत में 68 वर्षीय मोहम्मद उमर के चेहरे की झुर्रियों के पीछे दरिंदा छिपा था, जिसे कानून का डर न समाज की चिंता थी। उसने नौ वर्षीय बच्ची का अपहरण कर नशा देकर दो दिन बेसुध रखा, दुष्कर्म किया। बुधवार दोपहर को पुलिस ने उसे जेल भेजा और शाम को प्रशासन ने तगड़ी चोट दी। 50 वर्ग गज सरकारी भूमि पर बना उसका दोमंजिला मकान बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। पीड़ित पक्ष हिंदू है, बच्ची से हैवानियत के बाद लोगों में आक्रोश था। अमरिया ब्लाक क्षेत्र के ऊगनपुर गांव में आरोपित मोहम्मद उमर अकेले रहता है। उसका बेटा शहर में रहता, जबकि पत्नी का निधन हो चुका। रविवार को उसने गांव की बाजार में चप्पल खरीदने आई कक्षा चार की छात्रा का अपहरण कर अपने घर में बंधक बनाया।
उसे नशा देकर बेसुध कर दुष्कर्म किया। वह मंगलवार दोपहर को भी बच्ची के साथ आपत्तिजनक स्थिति में था। गांव के एक व्यक्ति ने चोरी-छिपे उसका वीडियो बना लिया। कुछ समय बाद आरोपित घर से बाहर निकला तो वह व्यक्ति दबे पांव पहुंचा। उसने बच्ची को झकझोरा ताकि बातचीत कर सके। काफी प्रयास के बाद वह सिर्फ अपने पिता का नाम एवं फोन नंबर बता सकी। इसी आधार पर उस व्यक्ति ने पड़ोस के गांव में रहने वाले पिता को फोन कर बताया कि बच्ची मोहम्मद उमर के कमरे में बेसुध है। मंगलवार शाम को स्वजन वहां से बच्ची को ले आए।
बाद में होश आने पर बच्ची ने घटनाक्रम बताया, वीडियो से भी प्रमाण मिले तो स्वजन ने देर शाम मोहम्मद उमर पर दुष्कर्म, पाक्सो, अपहरण, बंधक बनाने की प्राथमिकी कराई। रात 10 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो संप्रदायों से जुड़ा मामला बुधवार को तूल पकड़ गया। गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने कहा कि आरोपित मोहम्मद उमर के घर बुलडोजर चलाया जाएगा। उन्होंने इस बहाने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी घेरा कि वह अपराध करने वाले मुस्लिमों के विरुद्ध कुछ नहीं बोलते।
इस बीच डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने मोहम्मद उमर की कुंडली निकलवाई। उसमें पता चला कि आरोपित ने पिछले वर्ष ग्राम सभा की जमीन पर दो मंजिल के मकान में तीन कमरे बनवा लिए थे। निर्माण के समय अनदेखी करने वाले अफसरों ने मकान बनने के बाद नोटिस जारी की। उस पर अभी प्लास्टर नहीं हुआ है। अवैध निर्माण की पुष्टि होने पर एसडीएम मयंक गोस्वामी, सीओ दीपक चतुर्वेदी बुलडोजर लेकर उगनपुर गांव पहुंचे। बड़ी संख्या में फोर्स की मौजूदगी में आरोपित मोहम्मद उमर का मकान ध्वस्त कर दिया। एसडीएम ने बताया कि ग्राम सभा की भूमि राजस्व विभाग की श्रेणी एस के अंतर्गत आती है। अवैध निर्माण की जानकारी पर उसे जमींदोज कर दिया गया।




