विवादों में मुजफ्फरनगर का फुलत गांव का मदरसा, इंदौर की युवती ने धर्मांतरण और हलाला के लगाए आरोप, 16 पर एफआईआर

मुजफ्फरनगर का फुलत गांव का मदरसा एक बार फिर से विवादों में आ गया है। एक युवती ने गाजियाबाद के अंकुर विहार थाने में मदरसा संचालक मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र स्थित फुलत गांव का मदरसा एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में आ गया है। इंदौर निवासी एक युवती ने गाजियाबाद के अंकुर विहार थाने में मदरसा संचालक मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। युवती का आरोप है कि उसे प्रेमजाल में फंसाकर जबरन धर्मांतरण कराया गया, कई वर्षों तक बंधक बनाकर रखा गया और कई बार हलाला जैसी प्रक्रियाओं से गुजरने के लिए मजबूर किया गया।
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2012 में इंदौर में बीबीए की पढ़ाई के दौरान उसकी फेसबुक पर नवीन राणा नाम के युवक से दोस्ती हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद वर्ष 2013 में युवक ने अपने साथी वसीम को इंदौर भेजा और उसे दिल्ली बुला लिया। युवती का आरोप है कि इसके बाद उसे रतनपुरी थाना क्षेत्र के फुलत गांव स्थित मदरसे में ले जाया गया, जहां उसकी मां के सड़क हादसे में घायल होने की झूठी बात कहकर उसे रोक लिया गया। युवती ने शिकायत में कहा कि कुछ दिन बाद उसे पता चला कि नवीन राणा का असली नाम नावेद है। इसके बाद मदरसे में मौजूद लोगों ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसे नमाज पढ़ने का तरीका सिखाया गया, धार्मिक किताबें दी गईं और उर्दू-अरबी भाषा सीखने के लिए मजबूर किया गया। युवती का कहना है कि बाद में उसका निकाह उससे करीब 25 वर्ष बड़े अब्दुल रहमान नामक व्यक्ति से करा दिया गया।
पीड़िता ने बताया की वर्ष 2015 में उसका दूसरा निकाह शामली निवासी मुदस्सिर नाम के युवक से कराया गया था। कुछ वर्षों तक वह उसके साथ रही, लेकिन 2019 में उसकी मौत हो गई। पीड़िता को लगा था कि अब वह इस पूरे जाल से बाहर निकल पाएगी। लेकिन आरोप है कि इसके बाद फिर से कुछ लोगों ने उसे अपने नियंत्रण में ले लिया।
आरोप है कि बाद में उसे बागपत ले जाकर खालिद हुसैन नामक व्यक्ति से उसका निकाह कराया गया। युवती का कहना है कि वहां भी उसे प्रताड़ना, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। वर्ष 2022 में खालिद ने उसे तलाक दे दिया। जब उसने दोबारा साथ रहने की इच्छा जताई तो उससे हलाला की शर्त रखी गई। इसके बाद उसका निकाह 25 वर्ष बड़े अब्दुल रहमान नाम के व्यक्ति से करा दिया गया। पीड़िता ने खालिद और उसके भाई साकिब पर सामूहिक दुष्कर्म का भी आरोप लगाया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 14 वर्षों से उसका मानसिक और शारीरिक शोषण किया जाता रहा। उसने यह भी कहा कि कई बार तलाक और हलाला जैसी प्रक्रियाओं से गुजरने के लिए उस पर दबाव बनाया गया। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर वह किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने में सफल हुई और लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर तक पहुंचकर पूरी आपबीती सुनाई।
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के हस्तशेप के बाद गाजियाबाद के अंकुर विहार थाने में दर्ज एफआईआर में नवीन राणा उर्फ नावेद, मौलाना कलीम सिद्दीकी, उनकी पत्नी पुत्रवधू, अब्दुल रहमान, मौलाना बिलाल, कारी असलम, हाफिज नवाब, मौलाना राशिद, फकरूद्दीन, मौलाना फुरकान कुरैशी, खालिद हुसैन, शाकिब, तालिब, गुलफाम और नफीसा बेगम समेत कुल 16 लोगों को नामजद किया गया है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद फुलत मदरसा फिर चर्चाओं में है।
इससे पहले वर्ष 2021 में यूपी एटीएस ने अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चलाने के आरोप में मौलाना कलीम सिद्दीकी को दौराला क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों ने उस समय दावा किया था कि संगठित तरीके से धर्मांतरण कराया जा रहा था। इस मामले में कलीम सिद्दीकी करीब 590 दिन जेल में रहा और वर्ष 2023 में उसे सशर्त जमानत मिली थी। जमानत के बाद से वह फुलत गांव नहीं लौटा।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि मामले में नामजद मुख्य आरोपी खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है और फुलत मदरसे से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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