पीएम मोदी की अपील के बाद औरंगाबाद में साइकिल से कोर्ट पहुंचे जिला जज
पीएम मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद अब बिहार के औरंगाबाद में एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली। औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार बुधवार को अपनी सरकारी कार छोड़ साइकिल से कोर्ट पहुंचे।

पटना/एजेंसी। पश्चिम एशिया में जारी जंग की वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट उत्पन्न होने लगा है। इसी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों देश के लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। पीएम मोदी की अपील के बाद देश भर के राजनीतिक नेताओं और सरकारों ने ईंधन बचाने के उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं। कई मंत्रियों ने अपने साथ काफिले में चलने वाली गाड़ियों को कम कर दिया है। इसी क्रम में बिहार के औरंगाबाद जिला के मुख्य न्यायधीश भी आज बुधवार को अपनी कार छोड़कर साइकिल से कोर्ट पहुंचे।
औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार सुबह दानीबिगहा स्थित अपने सरकारी आवास से साइकिल से कोर्ट के लिए निकले। जज राजीव रंजन कुमार जैसे ही साइकिल पर सवार हुए, उनके बॉडीगार्ड हैरान रह गए। जज साहब के साथ चलने वाले दो बॉडीगार्ड ने भी आनन-फानन में साइकिल का इंतजाम किया और जज साहब के साथ पैडल मारते हुए साइकिल चलाने लगे।
जज राजीव रंजन कुमार का सरकारी आवास और कोर्ट के बीच का दूरी करीब दो किलोमीटर की है। जज साहब काली पैंड, व्हाइट शर्ट ऊपर से हाफ जैकेट और आंखों पर काला चश्मा लगाए साइकिल चला रहे थे। उनके साथ सुरक्षाकर्मी भी साइकिलों पर साथ-साथ चल रहे थे।
रास्ते में लोगों की नजर जब जज साहब पर पड़ी तो उन्हें भी हैरानी हुई। लेकिन कोई जज साहब को पहचान नहीं पाया। केवल यहीं अंदाजा लगाया जाता रहा कि कोई बड़ा आदमी है। जज साहब दो किलोमीटर साइकिल चलाते हुए कोर्ट पहुंचे।
जज राजीव रंजन कुमार साइकिल चलाते हुए जैसे ही औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय पहुंते तो गेट पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें देखकर हैरान रह गए। उसने तुरंत कोर्ट परिसर का गेट खोला। वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने बताया कि जज साहब हर दिन अपनी गाड़ी से ही कोर्ट आते हैं, लेकिन आज उन्होंने साइकिल का इस्तेमाल कर लोगों को ईंधन बचाने का संदेश देने की कोशिश की है।




