शुरू हुआ मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे का ‘मिसिंग लिंक’, यात्रा में आधा घंटा कम होगा खर्च

मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे के ‘मिसिंग लिंक’ का उद्घाटन हो गया है, जिससे मुंबई और पुणे के बीच यात्रा का समय 30 मिनट कम हो जाएगा और दूरी 6 किमी घट जाएगी।
मुंबई/एजेंसी। महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे के विकास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। बहुप्रतीक्षित मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे के ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना का उद्घाटन होने से राज्य के दो सबसे महत्वपूर्ण महानगरों—मुंबई और पुणे के बीच की दूरी न केवल कम हुई है, बल्कि यात्रा के समय में भी लगभग 30 मिनट की बड़ी बचत होगी। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे देश का पहला एक्सप्रेस वे भी है। इसका निर्माण 1995 में पहली बार बनी शिवसेना-भाजपा सरकार में तब के राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री नितिन गडकरी ने करवाया था।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना इंजीनियरिंग का एक आधुनिक चमत्कार है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की आर्थिक जीवनरेखा को दी गई एक नई गति है।
खंडाला घाट के चुनौतीपूर्ण घुमावों और ट्रैफिक जाम से अब यात्रियों को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इस अवसर राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्रा पवार भी उपस्थित थे। बता दें कि अब तक मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर खंडाला और लोनावला के बीच ‘अडोशी सुरंग’ से ‘खंडाला एक्जिट’ तक का हिस्सा काफी संकरा और खतरनाक था।
मानसून के दौरान भूस्खलन और भारी ट्रैफिक के कारण यहां घंटों जाम लगा रहता था। 6,695 करोड़ रुपयों की लागत से बने इस ‘मिसिंग लिंक’ ने उस कठिन हिस्से को बाईपास कर दिया है। अब वाहन सीधे सुरंगों और ऊंचे पुलों के माध्यम से तेज गति से निकल सकेंगे, जिससे ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। परियोजना के निर्माण में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। आधुनिक सीसीटीवी कैमरे, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और आपातकालीन निकास द्वारों से युक्त यह खंड अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस है। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि इस लिंक के चालू होने से एक्सप्रेस-वे पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
इस परियोजना को दुर्गम पहाड़ियों को काटकर बनाया गया है। इस लिंक के अंतर्गत बनाई गई सुरंगें दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंगों में से एक हैं। यह लिंक खुल जाने से यात्रा की कुल दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो गई है, जिससे यात्रा अवधि में 25 से 30 मिनट की कमी आएगी। इसे बनाने के लिए खंडाला-लोनावला की टाइगर वैली के ऊपर लगभग 650 मीटर लंबा केबल स्टे ब्रिज बनाया गया है, जिसके खंभों की ऊंचाई 182 से 184 मीटर है। ये ब्रिज न केवल बेहतरीन इंजीनियरिंग का नमूना हैं बल्कि यात्रियों को विहंगम दृश्य भी प्रदान करते हैं।
इतनी ऊंचाई पर होने के बावजूद ये ब्रिज 252 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के झोंके को भी झेलने में सक्षम है। यह मार्ग खंडाला घाट के पुराने और खतरनाक घुमावदार रास्तों को पूरी तरह बाईपास कर देता है। मुंबई और पुणे के बीच यातायात के भारी दबाव को देखते हुए इसे आठ-लेन (दोनों तरफ चार-चार लेन) के रूप में बनाया गया है। खास बात यह भी है कि इस मिसिंग लिंक का उपयोग करनेवाले यात्रियों को कोई अतिरिक्त टोल भी नहीं देना पड़ेगा।



