बदायूं में दो बच्‍चों की गला काटकर हत्‍या के बाद साजिद ने बच्चों का पीया खून, आरोपी एनकाउंटर में ढेर

बदायूं/उत्तर प्रदेश। पत्नी के प्रसव के लिए रुपये मांगने पहुंचे हेयर ड्रेसर साजिद ने मंगलवार शाम छत पर खेल रहे पड़ोसी के बेटे आयुष व अहान की हत्या कर दी। दोनों बालकों की गर्दन छुरे से काटी, उस्तरा से सीने और पेट में भी ताबड़तोड़ प्रहार किए। वो छत पर बेटों का खून बहाता रहा, इससे अनजान मां सुनीता पड़ोसी के सत्कार में चाय बना रही थीं। आरोपित के हमले में उनका तीसरा बेटा पीयूष भी घायल हुआ है। घटना के चार घंटे में रात 10 बजे पुलिस ने आरोपित साजिद को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इससे पहले हत्याकांड से आक्रोशित भीड़ सड़क पर उतर आई थी। साजिद व एक अन्य मुस्लिम की दुकान में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। कई वाहन तोड़ दिए, पथराव और सड़क जाम कर दी। पीड़ित परिवार ने घटनाक्रम को तंत्र-मंत्र से जोड़कर आरोप लगाया कि साजिद ने हत्या के बच्चों का खून भी पीया, उसके मुंह पर लोथड़े लगे हुए थे। वहीं, दो संप्रदायों का मामला होने से देर रात तक क्षेत्र में तनाव बना हुआ था।
मंडी चौकी से आधा किमी दूर बाबा कालोनी में रहने वाले ठेकेदार विनोद सिंह मोहम्मदी में पानी की टंकी निर्माण करा रहे इसलिए मंगलवार को घर में नहीं थे। पुलिस के अनुसार, उनके पड़ोस में किराये की दुकान में साजिद सैलून संचालित करता है। मंगलवार शाम 4.30 बजे वह दुकान बंदकर गया। इसके बाद शाम 5:30 बजे अचानक विनोद के घर पहुंचा। उनकी मां होमगार्ड मुन्नी देवी ने बताया कि पड़ोसी दुकानदार होने के कारण साजिद से परिचय था। उसने कहा कल पत्नी का प्रसव होना है इसलिए पांच हजार रुपये उधार चाहिए। उसकी जरूरत समझकर विनोद की पत्नी सुनीता से बात करने को कहा।
सुनीता ने पति से फोन पर बात कर साजिद से कहा कि कुछ देर रुको, रुपये देती हूं। इतने में वह इंतजार करने की बात कहकर दूसरी मंजिल पर चला गया। वहां उसने विनोद के बेटे आयुष (12), अहान (8) की गर्दन काटकर हत्या कर दी।
भाइयों के शव देखकर चीख पड़ा पीयूष
करीब 20 मिनट बाद तीसरा बेटा पीयूष छत पर पहुंचा तो दोनों भाइयों के शव देखकर चीख पड़ा। साजिद ने उस पर भी प्रहार किया मगर, वह जान बचाकर भाग निकला। उसकी चीख सुनकर छत की ओर दौड़े, इतने में साजिद बाहर की ओर भागा। दूसरी ओर, घटनास्थल पर एकत्र भीड़ 8.30 बजे आक्रोशित हो गई। साजिद व कुछ अन्य दुकानों का निशाना बनाया गया। रात 9:30 बजे बड़ी संख्या में पीएसी, पुलिस और अर्द्धसैनिक बल लगाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका।
पुलिस के अनुसार, आरोपित मौके से फरार हो गया था। बाद में उसे पकड़कर थाने ले जाने के लिए वाहन में बैठाया। शेखूपुर के जंगल के पास वह अचानक वाहन से कूदकर भागा। घेराबंदी करने पर उसने तमंचे से फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी गोली चलाई, जिसमें वह मारा गया।
मुठभेड़ में सिविल लाइंस थाने के इंस्पेक्टर गौरव विश्नोई भी घायल हुए हैं। देर रात तक कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, आइजी डॉ. राकेश पांडेय, डीएम मनोज कुमार और एसएसपी आलोक प्रियदर्शी घटनास्थल पर मौजूद रहे। एसएसपी ने बताया कि आरंभिक तौर पर तीन हमलावरों की सूचना थी, मगर विनोद ने सिर्फ साजिद को हमलावर बताया।
मुहल्ले में चर्चा, तंत्र-मंत्र के कारण कर दी बालकों की हत्या
मुहल्ले के लोगों ने बताया कि साजिद के दो नवजात बच्चों की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है। अब फिर से उसकी पत्नी का प्रसव होना है। चर्चा रही कि तीसरा बच्चा जीवित बना रहे इसलिए साजिद ने तंत्र-मंत्र का सहारा लिया। उसी के अंतर्गत विनोद की बेटों की हत्या कर दी। उसके मुंह पर लोथड़े लगे होने से खून पीने का अंदेशा भी जताया गया। पुलिस इस जानकारी से इन्कार कर रही है।

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