खबर का असर : ‘शटअप गेट लॉस’ बोलने वाली प्रिंसिपल मैडम बोलीं सॉरी, बीएसए ने स्कूल जाने पर लगाया प्रतिबंध

यूपी के हरदोई जिले में एक स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था। वीडियो में प्रिंसिपल मैडम अभिभावकों को हड़काते हुए दिखाई दे रही थीं। अब उनके खिलाफ जांच शुरू हो गई है।

हरदोई/उत्तर प्रदेश। हरदोई शहर के एक स्कूल में एक बच्चे के अभिभावक से अभद्र व्यवहार करने वाली चर्चित ‘शटअप वाली प्रिंसिपल मैडम’ को आखिरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। मीडिया में प्रकाशित खबरों के चलते मामला ने तूल पकड़ लिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता स्कूल परिसर में प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। वहीं, पीड़िता की शिकायत पर बीएसए ने जांच शुरू की है और प्रिंसिपल का स्कूल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
बता दें कि रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे की मां को चीखते हुए डांटती नजर आ रहीं थीं। वहीं, जब महिला कुछ कहने की कोशिश करती है तो वह उसको ‘शटअप गेट लास’ कहकर चुप कर रही थीं और उनके बच्चे का नाम काटने की धमकी देती नजर आ रही थीं।
जैसा कि बच्चे की मां ने बताया कि उनका बच्चा यूकेजी में पढ़ता है। उसके लिए उन्होंने कापियां स्कूल से नहीं लेकर बाहर से खरीद ली थीं। इसी बात को लेकर उनको प्रिंसिपल मैडम ने बुलाया और फिर सबके सामने जलील किया। यह वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। लोग प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने स्कूल जाकर प्रिंसिपल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें घेर लिया। बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे कार्यकर्ताओं को संभालने के लिए पुलिस को आना पड़ा। कड़ा विरोध देखते हुए प्रिंसिपल ने सभी के सामने हाथ जोड़कर अपने बर्ताव के लिए माफी मांगी और भविष्य में किसी भी अभिभावक के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करने का वादा किया।
बच्चे की मां की शिकायत पर बीएसए डॉ. अजित सिंह ने जांच टीम बनाकर स्कूल भेजी। टीम ने सभी सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेते हुए प्रिंसिपल से पूछताछ शुरू की। प्रिंसिपल ने जांच टीम के सामने स्वीकारा कि उन्होंने बच्चे की मां के साथ गलत व्यवहार किया। वहीं, जांच टीम ने स्कूल के अन्य मानकों का भी निरीक्षण किया तो पाया कि स्कूल संचालन मानक के अनुसार नहीं हो रहा है। इस संबंध में बीएसए ने बताया कि जांच की प्रक्रिया चल रही है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रिंसिपल के स्कूल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़िता से भी बात की जा रही है।
वहीं, प्रिंसिपल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कापी वाली कोई बात नहीं थी। स्कूल की फीस नहीं देने को लेकर बच्चे के अभिभावकों ने हंगामा किया। स्कूल में चल रही वैक्सीन प्रक्रिया को डिस्टर्ब किया। तीन घंटे तक टीचरों को डिस्टर्ब किया। बोलीं कि मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है।

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