बर्खास्त एसआई रामवीर दाऊ, जो एनकाउंटर स्पेशलिस्ट से लेकर ‘अपराधियों का मददगार’ बनकर जेल से करवा रहा क्राइम

कभी गुना पुलिस का स्पेशल कॉप रहा एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बर्खास्त एसआई रामवीर दाऊ एक बार फिर चर्चा में है। हत्या, शव गायब करने के बाद सीआईडी जांच में दोषी रामवीर अब जेल के अंदर से अपराधियों का मददगार बन गया। उसके फार्म हाउस से पुलिस ने शहर के चर्चित पान मसाला चोरी कांड के आरोपियों की धरपकड़ की है।
गुना/मध्य प्रदेश। गुना से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तमिलनाडू ट्रेन डकैती कांड में मदद कर देश भर में पहचान बनाने वाला गुना का बर्खास्त एसआई रामवीर दाऊ जेल में बैठकर धंधे चला रहा है। उसकी शह पर गुना में एक पान मसाला कारोबारी से लूट व चोरी की गई थी। पुलिस ने उसके फार्म हाउस से ही आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वह अब भी जेल में बैठकर अवैध कारोबार चला रहा है। उस एक पारदी हत्याकांड में सीआईडी जांच बैठी थी, जिसके बाद उसे पुलिस विभाग से बर्खास्त किया गया था।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार कैंट पुलिस ने कुसमोदा इंडस्ट्रियल एरिया में हुई 25 लाख रुपये की सनसनीखेज पान मसाला चोरी का पर्दाफाश किया है। इस वारदात का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि चोरी की पूरी स्क्रिप्ट जिला जेल के भीतर एक शातिर अपराधी द्वारा लिखी गई थी। चोरी के आरोपी प्रदेश के चर्चित बर्खास्त एसआई रामवीर सिंह ‘दाऊ’ के फार्म हाउस पर पनाह लिए हुए थे। पुलिस ने घेराबंदी कर न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि चोरी का माल और वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद कर लिए हैं।
पूरी वारदात की पटकथा जेल की कालकोठरी के भीतर लिखी गई थी। पुलिस की बारीकी से की गई पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि चोरी का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड पवन रजक है, जो वर्तमान में हत्या के प्रयास के एक मामले में 5 साल की सजा होने के कारण जिला जेल में निरुद्ध है। पवन रजक ने अपने अदालती प्रकरणों में होने वाले भारी-भरकम खर्चों की भरपाई करने के लिए जेल के अंदर से ही इस चोरी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की थी। उसने अपने साथियों को दिशा-निर्देश देकर इंडस्ट्रियल एरिया कुसमोदा स्थित अनुराग जैन के गोदाम को निशाना बनाया, जहां से 17-18 अप्रैल की दरम्यानी रात बदमाशों ने पहेली पान मसाला की 22 बोरी और विमल पान मसाला की 5 बोरी सहित कुल 27 बोरियां पार कर दी थीं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी मानसिंह ठाकुर और सीएसपी प्रियंका मिश्रा के मार्गदर्शन में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों का जाल बिछाया। घटनास्थल और आसपास के मार्गों के सीसीटीवी कैमरों के सूक्ष्म अवलोकन के दौरान चोरी का माल ले जाते हुए एक ईको कार क्रमांक एमपी 08-7654 और एक बोलेरो पिकअप क्रमांक एमपी 07-8857 की पहचान की गई। इसी सुराग का पीछा करते हुए पुलिस टीम जब बर्खास्त एसआई रामवीर सिंह के फार्म हाउस पर पहुंची, तो वहां छिपे पांच आरोपियों को धर दबोचा गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उपेंद्र उर्फ भूपेंद्र पुत्र दशरथ रजक निवासी साईं सिटी गुना, नरेश पुत्र लल्लू अहिरवार निवासी साबरा पहाड़, आर्यमन उर्फ काले खां पुत्र शंकरलाल पारदी निवासी बीलाखेड़ी, बलराम पुत्र रुकसाद पारदी और राणा पुत्र रुकसाद पारदी निवासी ग्राम खेजरा थाना धरनावदा शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पान मसाला के 21 कट्टों में भरा लगभग 5 लाख रुपये का माल और वारदात में प्रयुक्त दोनों वाहन जब्त किए हैं। पवन रजक के बारे में जानकारी मिली है कि वह पहले भी अपहरण और फिरौती जैसे गंभीर मामलों में शामिल रहा है और उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी रहा था। इस संगठित गिरोह की गिरफ्तारी से जिले में हुई अन्य चोरी की वारदातों के भी खुलने की संभावना है।
पिछले कुछ समय से गुना सहित प्रदेशभर में पुलिस महकमे में बर्खास्त एसआई रामवीर सिंह कुशवाह उर्फ दाऊ चर्चाओं में है जो फिलहाल रीवा जेल में बंद हैं। फर्जी एनकाउंटर से लेकर डकैती डलवाने, गवाहों केा धमकाने सहित कई मामले उस पर दर्ज हैं। 1997 में आरक्षक के रूप में भर्ती हुआ रामवीर, 2004 में एक एनकाउंटर के बाद आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाकर सीधे हेड कांस्टेबल बना और फिर सब-इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचा। तमिलनाडु की प्रसिद्ध आरबीआई ट्रेन डकैती सुलझाने में उसने तमिलनाडु पुलिस की बड़ी मदद की थी, जिससे उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
पारदी की हत्या और शव गायब करने में बर्खास्त
साल 2015 में धरनावदा थाना प्रभारी रहते हुए उस पर आत्माराम पारदी की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगा। आत्माराम की मां के 7 साल के लंबे संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट के दखल पर सीआईडी जांच हुई और रामवीर को बर्खास्त कर जेल भेजा गया। वर्तमान में उस पर हत्या, अपहरण, धोखाधड़ी और डकैतों को संरक्षण देने जैसे 7 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं। हाल ही में जेल से गवाहों को धमकाने की शिकायतों के बाद उसे गुना से रीवा सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया है। आज उसी के फार्म हाउस से चोरी के आरोपियों का पकड़ा जाना साबित करता है कि दाऊ के ठिकाने आज भी अपराधियों की पनाहगाह बने हुए हैं।
बर्खास्त एसआई के फॉर्म हाउस पर पकड़े आरोपी
गुना एसपी हितिका वासल ने जानकारी देते हुए बताया कि एक पान व्यापारी की दुकान से काफी मात्रा में पान मसाला चोरी की गई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को पकड़ा है। जिसमें मुख्य आरोपी पवन रजक है। उसने लोगों को इकट्ठा कर घटना को अंजाम दिया था। मामले में ऐसी जानकारी मिली है कि जो आरोप पकड़े हुए है बर्खास्त एसआई के फॉर्म हाउस पर पाए गए हैं। मामले में जांच की रही है इस मामले में और कौन कौन शामिल है।





