अब नहीं लगेंगी लंबी कतारें, हटेंगे सभी टोल प्लाजा,एनएचएआई लागू करेगा मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग

केंद्र सरकार टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने का समय खत्म करने की तैयारी में है। मई से गुजरात के चौर्यासी में मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग शुरू होगी, जिससे अगले तीन साल में देशभर से टोल प्लाजा हट जाएंगे।
नेशनल डेस्क। टोल शुल्क के लिए फास्टैग की व्यवस्था कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार को पहले ही काफी हद तक सीमित कर चुका है, लेकिन अभी भी टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने और शुल्क कटने की प्रक्रिया में जो कुछ मिनट का समय लगता है, अब उसे भी पूरी तरह खत्म करने की तैयारी है।
केंद्र सरकार टोल बैरियर मुक्त जिन हाईवे की परिकल्पना पर काफी समय से काम कर रही थी, अब उसे अगले माह से लागू किया जा रहा है। यानी मई में गुजरात के सूरत में स्थित चौर्यासी से इसकी शुरुआत हो जाएगी, जहां कि टोल प्लाजा हटाया जा चुका है। एनएचएआई का लक्ष्य अगले तीन वर्ष के भीतर देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग लागू करने का है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय लगातार इस दिशा में प्रयासरत है कि टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार न लगे। समय की बचत में फास्टैग ने कारगर भूमिका निभाई है। पिछले माह सरकार ने टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन को भी पूरी तरह बंद कर दिया है।
अब यदि तकनीकी कारणों से फास्टैग से टोल राशि नहीं कटती है तो भी किसी वाहन चालक से नकदी स्वीकार नहीं की जा रही। डिजिटल लेनदेन का यह प्रयास भी टोल प्लाजा पर रुकने का समय घटाने के लिए ही है। बावजूद अभी भी कुछ समय वाहनों के रुकने और फास्टैग से राशि कटने में लगता है। वहीं, यदि किसी वाहन का शुल्क फास्टैग से कटने में कोई तकनीकी खामी आए तो पीछे लगे वाहनों को प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था को खत्म करते हुए अब वह व्यवस्था लागू की जा रही है कि सारे राष्ट्रीय राजमार्गों से टोल प्लाजा हट जाएंगे। टोल बैरियर के स्थान पर गेंट्री होगी, जिस पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और आरएफआईडी रीडर लगे होंगे। उनके माध्यम से फास्टैग और व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (वीआरएन) की स्कैनिंग बिना वाहन को रोके या गति कम किए ही हो जाएगी। इससे कहीं भी वाहनों की कतार नहीं लगेगी, मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि किसी फास्टैग में तकनीकी कमी होगी या उसमें पर्याप्त धनराशि नहीं होगी तो जिस तरह ई-चालान कटता है, उसी प्रक्रिया से ऐसे वाहनों से दोगुणा टोल शुल्क ई-चालान के माध्यम से वसूले जाने का प्रस्ताव है।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले मई में गुजरात के चौर्यासी से मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग शुरू हो रही है। उसके बाद हरियाणा में एनएच-44 स्थित घरौंदा टोल प्लाजा पर यह व्यवस्था लागू होगी और अगले तीन वर्ष के अंदर देशभर में इस आधुनिक व्यवस्था को लागू करने का लक्ष्य है।



