हाए रे गरीबी! बच्चे की यूनिफार्म के पैसे से कट गई बाइक की किस्त, मजदूर और उसकी मां ने जहर खाकर दी जान
Oh poverty! Bike installment was deducted from the money for child's uniform, laborer and his mother committed suicide by consuming poison

बरेली/उत्तर प्रदेश। बरेली जिले के क्योलड़िया थाना क्षेत्र से एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर और उसकी मां के जहर खाकर जान देने की घटना ने सबको हिलाकर रख दिया है। देर रात दोनों की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम बाद दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। कहने को ये सामान्य घटना हो सकती है लेकिन आर्थिक बदहाली की तस्वीर बयां करती इस हकीकत को जानकर आप भी चकरा जाएंगे।
बरेली पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, क्योलड़िया थाना क्षेत्र के धनौर जागीर गांव में सोमपाल (42) अपनी मां छंगो देवी, पत्नी जगदेई, बेटे मुनीष, दया और बेटी लज्जावती के साथ रहता था। वह मजदूर था। उनका बेटा मुनीष कक्षा दो में पढ़ता है। बेटे की यूनिफॉर्म के लिए सरकार से बारह सौ रुपये सोमपाल के बैंक खाते में आए थे।
यह पैसा सोमपाल ने ऋण पर ले रखी मोटरसाइकिल की किस्त में कट गया। इसको लेकर शुक्रवार की शाम सात बजे सोमपाल का पत्नी जगदेई से विवाद हो गया। इससे खफा सोमपाल ने जहर खा लिया। चौराहे पर गिरकर तड़पने लगा। सूचना पर सोमपाल की मां छंगो देवी (80) पहुंची। बेटे को तड़पता देख उसने भी घर आकर जहर खा लिया। पुलिस ने दोनों को अस्पताल भर्ती कराया। देर रात मां-बेटे की मौत हो गई।
शव को ढकने के लिए नहीं थी चादर
सोमपाल की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि दाह संस्कार तक के लिए रुपये नहीं थे। यहां तक कि शव को ढकने के लिए घर में एक साफ चादर भी नहीं मिली। प्रधान सुरभीक सिंह ने चादर खरीद कर ओढ़ाई। घर में राशन भी नहीं निकला। घटना के बाद बच्चों को पड़ोसियों ने भोजन कराया। दाह संस्कार तक के लिए रुपये नहीं हैं।
आर्थिक स्थिति थी बहुत खराब
ग्रामीणों का कहना है कि सोमपाल की आर्थिक स्थिति खराब थी। हाल ही में बारिश में उनका कच्चा घर गिर गया था। पत्नी जगदेई बच्चों के साथ पड़ोसी के काली घर में रहने लगी थी। सोमपाल अपनी मां के साथ टूटे हुए घर में पन्नी डालकर रह रहा था। जगदेई ने सरकारी आवास के लिए आवेदन भी कर रखा हैं।
बेटे के लिए यूनिफॉर्म और जूते खरीदना चाहती थी पत्नी
जगदेई ने पुलिस को बताया कि बेटे मुनीष की यूनिफॉर्म के लिए सरकार से आए 1200 यूनिफॉर्म और जूते खरीदना चाहती थी। लेकिन ऋण पर ली हुई बाइक की किस्त में वह पैसे बैंक खाते से कट गए। लेकिन सोमपाल ने पत्नी को नहीं बताया। जगदेई को शुक्रवार को बैंक जाने पर किस्त कटने का पता चला।




