कानपुर में गोलगप्पे को लेकर चली गोली, जमकर चले लाठी-डंडे, 6 लोग घायल, 12 गिरफ्तार

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर देहात जिले के आर्य नगर में गुरुवार को पानी की बोतलें और गोलगप्पे खरीदने को लेकर लाठी-डंडों से लैस दो समूहों के सदस्यों के बीच झड़प हो गई, जिसमें 6 लोग घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कानपुर देहात जिले के रनिया थाने के थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और शुक्रवार को 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया । गिरफ्तार किए गए लोगों में चार घायल भी शामिल हैं, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (अकबरपुर) में भर्ती कराया गया था। सिंह ने बताया कि गिरफ्तार लोगों को शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें आवश्यक कार्यवाही के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस उप महानिरीक्षक (कानपुर रेंज) जोगेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस कार्रवाई के बाद जिला पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई में देरी के कारण दोबारा झड़प होने के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच कानपुर देहात के अपर पुलिस अधीक्षक राजेश पांडे को सौंपी गई है, जिन्हें जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। पुलिस उप महानिरीक्षक ने कहा कि निष्कर्ष रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक पहली प्राथमिकी नीलम सिंह ने दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनके बेटे सत्यम सिंह पर पानी की बोतल खरीदने को लेकर दीपू, हरिकिशन और उनके लोगों ने हमला किया था, जब वह बुधवार शाम को कानपुर से अपने घर जा रहा था। दूसरी प्राथमिकी चेतन सिंह ने दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने संजय सेंगर, उनके बेटे अर्पित सेंगर और तीन दर्जन अन्य लोगों पर गोलगप्पे लेने को लेकर बेरहमी से हमला करने का आरोप लगाया था। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें छत से तमंचे से गोलियां बरसाते लोग दिखाई दे रहे हैं।
एक अधिकारी ने कहा, पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होने की खबर फैलने के तुरंत बाद, दोनों समूहों के सदस्य आमने-सामने आ गए, एक-दूसरे से भिड़ गए, ईंट-पत्थर बरसाए और गोलीबारी की, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गिरफ्तार किये गये लोगों की पहचान विश्वनाथ सिंह (26), विश्राम सिंह (36), मदन सिंह (19), रितेश सिंह (23), दीपक सिंह (19), देवेन्द्र सिंह (19), बाबू (20), धर्मेन्द्र सिंह उर्फ धर्मा (32), रविकांत गुप्ता (35), छोटे लाल गुप्ता (65), सौरभ गुप्ता (26) और उनके भाई पीयूष गुप्ता (30) सभी कानपुर देहात जिले के आर्य नगर के रहने वाले हैं। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर भादसं की धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य), 147 (दंगा करने के लिए सजा), 148 (दंगा, घातक हथियार से लैस), 149 (गैरकानूनी सभा का प्रत्येक सदस्य अपराध का दोषी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसके अलावा भादसं की धारा 160 (झगड़ा करने की सजा), 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा), 307 (हत्या का प्रयास), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की सजा), 332 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए सजा) , 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), 341 (गलत तरीके से रोकने के लिए सजा), 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल), 504 (जानबूझकर अपमान करना) शांति भंग करने के लिए उकसाना), भादस की धारा 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और 120 बी (आपराधिक साजिश की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया हैं।

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