भरतपुर में नोटिस मिलने पर लोगों ने आत्महत्या की दे डाली चेतावनी

150 मकानों को 7 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के नोटिस

भरतपुर/राजस्थान। भरतपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के शहर में अतिक्रमण हटाने के नोटिस ने लोगों में खलबली मचा दी है। बीडीए ने शहर की तीन कॉलोनीयों के करीब 150 मकानों को अवैध मानते हुए तोड़ने के नोटिस दिए हैं। इस नोटिस के बाद मकान मालिकों में हड़कंप मच गया है। इधर, पीड़ित मकान मालिकों ने भरतपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया और चेतावनी दी- ‘अगर हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई, तो हम आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे।’ इसके अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है। इधर, लोगों की इस चेतावनी से प्रशासन में भी हलचल मच गई है।
इधर, भरतपुर विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई से लोगों में जमकर हड़कंप मचा हुआ है। प्राधिकरण ने शहर की तीन कॉलोनी में करीब डेढ़ सौ मकानों के लोगों को 7 दिन में अतिक्रमण हटाने का नोटिस थमाया है। जानकारी के अनुसार इन अवैध मकानों में वह मकान भी शामिल है, जो पीएम आवास योजना के तहत मिली राशि से बनाए गए हैं। ऐसे में विकास प्राधिकरण के नोटिस से हड़कंप मचा हुआ है। नोटिस में लिखा है कि समय अवधि समाप्त होने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
इधर, भरतपुर विकास प्राधिकरण की ओर से थमाए गए नोटिस के बाद लोगों में जमकर खलबली मची हुई है। लोगों का कहना है कि उन्होंने एक-एक पैसा जोड़कर जमीन खरीदी और उसकी रजिस्ट्री करवाई। उनके पास मकान के पूरे कागज हैं, घर बनाने में प्रधानमंत्री आवास योजना से राशि भी मिली, लेकिन अब भरतपुर विकास प्राधिकरण की ओर से उनके मकान को अवैध बताया जा रहा है। इस दौरान पीड़ित लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने हमारी नहीं सुनी, तो हमें मजबूरन आत्महत्या करनी पड़ेगी।
इधर, एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीडीए आयुक्त ने यह नोटिस उन्हीं लोगों को दिया गया है, जिन्होंने अवैध कब्जा कर मकान बनाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर पीएम आवास योजना के तहत निर्माण किया है, उन्होंने अवैध भूमि पर कब्जा कर राशि से मकान का निर्माण किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों के मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद ही मकान तोड़ने का फैसला लिया जाएगा।

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