नौकरी बहाली की मांग को लेकर 40 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा बर्खास्त चालक
अलीगढ़ जिले में परिवहन विभाग से बर्खास्त रोडवेज संविदा चालक टावर पर चढ़ गया। नौकरी में बहाली की मांग को लेकर बर्खास्त रोडवेज चालक पिछले 24 घंटो से टावर पर बैठा। पुलिस और परिवार नीचे उतरने के लिए मिन्नते कर रहे।

अलीगढ़,उत्तर प्रदेश। परिवहन विभाग से बर्खास्त रोडवेज संविदा चालक रविवार सुबह नौकरी में बहाली की मांग को लेकर करीब 40 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। करीब 24 घंटे बाद भी वह टावर से नीचे नहीं उतरा। वह परिवहन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए नौकरी पर वापस लेने का लिखित आश्वासन और जनप्रतिनिधियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची तथा परिजनों ने भी उसे नीचे उतरने के लिए समझाया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा।
मामला क्वार्सी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। बर्खास्त संविदा चालक राजू सैनी रविवार सुबह करीब 10 बजे मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। सोमवार सुबह तक वह टावर पर ही बैठा रहा। टावर के नीचे लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस तथा दमकल कर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। परिजन भी लगातार उससे बातचीत कर नीचे उतरने के लिए समझाते रहे।
बताया गया कि राजू सैनी ने वर्ष 2022 में रोडवेज में संविदा चालक के रूप में काम शुरू किया था। वर्ष 2024 में स्टाफ से अभद्रता के आरोप में उसका तबादला अतरौली डिपो किया गया। इसके बाद ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में उसे नरौरा डिपो भेजा गया। विभागीय कार्रवाई के बाद वर्ष 2025 में उसे संविदा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद से वह लगातार नौकरी पर बहाली की मांग कर रहा था।
राजू सैनी के परिवार में पत्नी और 18 वर्षीय बेटी के अलावा माता-पिता हैं। टावर पर चढ़ने के बाद उसने कहा कि उसकी मांग पूरी होने तक वह नीचे नहीं उतरेगा। उसने यह भी कहा कि उसके साथ कोई अनहोनी होने पर उसके अंग दान कर दिए जाएं। हालांकि, पुलिस और परिजनों की ओर से उसे लगातार समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा के अनुसार, राजू सैनी के टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलने के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसे समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि राजू को गार्ड के पद पर रोजगार देने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलने में चार-पांच दिन लग सकते हैं और स्वीकृति मिलने के बाद उसे नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
अधिकारी के अनुसार, राजू तत्काल लिखित आश्वासन की मांग कर रहा है और इसी कारण टावर से नीचे उतरने को तैयार नहीं है। पुलिस और प्रशासन की टीम उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।


