न बूथ…न कर्मचारी, अब जापान-सिंगापुर की तरह भारत में वसूला जाएगा टोल

सोनीपत/ हरियाणा। अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 पर सोनीपत के झिंझौली में देश का पहला मानवरहित टोल प्लाजा बनाया जा रहा है। इस रोड पर जापान और सिंगापुर की तरह आधुनिक तरीके से टोल संग्रह किया जाएगा। यहां टोल लेन तो बनाई गई है, लेकिन न तो टोल बूथ है और न ही शुल्क कलेक्शन के लिए कोई कर्मचारी तैनात किया जाएगा।
फास्टैग से वसूला जाएगा शुल्क
सामान्य टोल प्लाजा पर लगे बूम की जगह यहां अत्याधुनिक सेंसरयुक्त बूम बैरियर इंस्टाल किए गए हैं, जिसे एडवांस टोल मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। जैसे ही वाहन इन सेंसर की रेंज में पहुंचेगा तो फास्टैग से शुल्क कट जाएगा और वाहन के पहुंचने से पहले ही बूम बैरियर उठ जाएंगे। सभी एक्जिट और एंट्री प्वाइंट पर भी सेंसर लगेंगे।
नया सिस्टम पूरी तरह से मानवरहित होगा और प्रत्येक लेन में हाई रेज्यूलेशन कैमरे और सैंसर होंगे, जिनसे एक भी गाड़ी बिना टोल शुल्क के नहीं निकल सकेगी। शुल्क तय करने के लिए अधिकारियाें ने पत्र भेजा गया है। इस रोड पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली के पायलट प्रोजेक्ट की प्लानिंग पर भी काम किया जाएगा, जिसके बाद फास्टैग और बूम बैरियर की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
यानि टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। इस तकनीक के जरिए हाईवे पर चढ़ते ही प्रत्येक गाड़ी की एक यूनिक आईडी जनरेट होगी। जैसे ही यह गाड़ी टोल प्लाजा के सेंसर की रेंज में आएगी तो टोल शुल्क का भुगतान बैंक खाते से हो जाएगा।
अभी टोल भुगतान धीमा
अभी हाईवे के टोल प्लाजा पर बूथ बने हुए हैं, जहां पर एक कर्मचारी की तैनाती की जाती है। नंबर प्लेट रीडर कैमरे और सेंसर लगे हुए हैं। कैमरे और सेंसर से फास्टैग से टोल शुल्क कटता है, जिसके बाद बूम बैरियर खुलते हैं। इस प्रक्रिया में टाइम लगता है। कई बार तो फास्टैग स्कैन नहीं होता और मैनुअल तरीके से इसे स्कैन करना पड़ता है। बिना फास्टैग लगे वाहन भी टोल चुकाए बिना भी निकल जाते हैं।
दिक्कत हुई तो तुरंत होगा समाधान
एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि अत्याधुनिक टोल प्लाजा पर बने कंट्रोल रूम में इंजीनियर की ड्यूटी होगी। किसी तरह की तकनीकी खामी होती है तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा। यहां मैनुअल कुछ भी नहीं होगा। फिलहाल कुछ समय तक दोनों तरफ एक-एक लेन कैश की रखी गई है, लेकिन बाद में इसे भी बंद किया जाएगा।




