कानपुर हिंसा का सामने आया पाक कनेक्शन, हिस्ट्रीशीटर अतीक खिचड़ी आकाओं के संपर्क में था!

कानपुर,(उत्तर प्रदेश)। कानपुर हिंसा की जांच में चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हिंसा कर कानपुर को सुलगाने की साजिश रची गई थी। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की जांच में सामने आया है कि कानपुर हिंसा के दौरान कई मोबाइल नंबर एक्टिव थे। उसमें से एक मोबाइल नंबर ऐसा था, जिससे पाकिस्तान में बैठे आकाओं से बातचीत की जा रही थी। एसआईटी ने डाटा फिल्टर कराया तो पता कि जिस नंबर से पाकिस्तान बात हो रही थी, वह मोबाइल नंबर डीटू गैंग के सक्रिय सदस्य हिस्ट्रीशीटर अतीक खिचड़ी का था। कानपुर हिंसा के बाद से अतीक खिचड़ी फरार है। सोशल मीडिया पर एक चैट वायरल है, जिसमें हिंसा भड़काने की बात की जा रही है। पुलिस उसकी जांच कराने की बात कह रही है।

बेकनगंज थाना क्षेत्र स्थित यतीमखाना, नई सड़क में तीन जून को बीजेपी नेता नुपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद हिंसा भड़क गई थी। कानपुर हिंसा को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव, फायरिंग और पेट्रोल बम चले थे। पुलिस ने मास्टर माइंड हयात जफर और उसके साथी जावेद अहमद खान, मो सूफियान और मो राहिल को जेल भेजा था। कानपुर हिंसा में 58 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कानपुर हिंसा प्रायोजित थी, इसके सुबूत एसआईटी के हाथ लगे हैं। कानपुर हिंसा में डीटू गैंग के सक्रिय सदस्य अतीक खिचड़ी का नाम प्रकाश में आया है।

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सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज


हिंसा का असली मास्टरमाइंड कौन है?

कानपुर हिंसा के दो मकसद निकाले जा रहे हैं। पहला बीजेपी नेता नुपुर शर्मा के विवादित बयान के विरोध में हिंसा कर विश्वस्तर पर देश की छवि को धूमिल करना। उपद्रवियों का दूसरा मकसद था कि हिंसा फैलाकर हिंदुओं की बस्तियों को खाली कराना। वायरल चैट से इस बात की पुष्टि होती है कि उपद्रवियों ने चंद्रेश्वर हाता को निशाना बनाना था। दरअसल चंद्रेश्वर हाते पर कई बिल्डरों की नजर थी। पुलिस की जांच में कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। एसआईटी नई सड़क के मोबाइल टॉवरों का डेटा खंगाल रही थी। डाटा फिल्टर कराने से पता चला कि उपद्रव के दौरान एक नंबर से पाकिस्तान बात हो रही थी। हिंसा के बाद से मोबाइल नंबर लगातार बंद जा रहा है।
वायरल चैट अतीक खिचड़ी की बताई जा रही है
सोशल मीडिया में एक स्क्रीनशॉट वायरल है। वायरल स्क्रीन शॉट अतीक खिचड़ी की बताई जा रही है, लेकिन पुलिस इसकी जांच कर रही है। वायरल चैट में लिखा है ‘अल बरकत मार्केट पेचबाग आ जाना। सब लड़कों को लेकर और झोले में रखकर लाना बम। दो बजे तक हर हाल में पहुंच जाना। सीधे गुड्डे भाई के फ्लैट के नीचे और वहां पहुंच कर गुड्डे भाई के लड़के अंशू के नंबर पर कॉल कर लेना। वो नीचे आ जाएंगे फिर सीधे चंद्रेश्वर हाते पर दौड़ पड़ना। अब कोई पीछे नहीं हटेगा सुन लो कान खोलकर। शेख साहब का हुकुम है, और गुड्डे भाई का फोटो दिखा दो सब लड़कों को ताकि पहचान लें। अगर सामान कम पड़े सीधे गुड्डे भाई के जाएं।’ बताया जा रहा है कि शेख साहब पाकिस्तान बैठकर कानपुर हिंसा को ऑपरेट कर रहा था।
अतीक खिचड़ी पर दर्ज हैं 21 मुकदमें
हिस्ट्रीशीटर अतीक खिचड़ी पर गम्मू खां हाते का रहने वाला है। गम्मू खां का हाता अपराधियों का गढ़ माना जाता है। अतीक खिचड़ी कर्नलगंज थाने से हिस्ट्रीशीटर है। कर्नलगंज थाने में अतीक पर 21 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। अतीक खिचड़ी पर लूट, हत्या का प्रयास, मारपीट, रंगदारी, गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर एक्ट, ड्रग्स तस्करी के केस दर्ज हैं। अतीक का भाई अकील भी हिस्ट्रीशीटर है।

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