राम-राम का नहीं दिया जवाब,सबक सिखाने के लिए सांसद के खिलाफ चुनाव लड़ेगा कल्लन कुम्हार

आगरा/उत्तर प्रदेश। लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बड़े राजनैतिक दलों के अलावा आम आदमी भी आजमाइश कर रहा है। कुछ ऐसे लोग भी इस रण में भाग ले रहे हैं। जो जनप्रतिनिधियों के व्यवहार के सताए हैं। उनका गुस्सा इस कदर है कि वे लोकसभा चुनाव में उन्हें हराने के लिए मैदान में उतर आए हैं। ऐसा ही एक किस्सा आगरा की फतेहपुर सीकरी का सामने आया है। एक व्यक्ति जिसने सांसद को कई बार राम-राम की। मगर उसने उसकी राम-राम नहीं ली। उस पर गुस्सा जाहिर कर अपना रुतबा दिखा दिया। सांसद का ये व्यवहार उसे रास नहीं आया। उसने सांसद के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने की ठान ली। शुक्रवार को वह शख्स नामाकंन पत्र खरीदने के लिए आया था। उसने सांसद को सबक सिखाने का एलान किया है।
आगरा में 7 मई को तीसरे चरण में मतदान होना है। शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। शुक्रवार को फतेहपुर सीकरी के लिए 26 और आगरा सुरक्षित सीट के लिए 9 नामाकंन पत्र खरीदे गए। नामांकन प्रक्रिया 19 अप्रैल तक चलेगी। 13, 14 और 17 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश होने के चलते नामांकन नहीं होगा। नामांकन प्रक्रिया का सुबह 11 से दोपहर 3 बजे का समय निर्धारित है।
शुक्रवार को खेरागढ़ के रहने वाले हसनुराम आंबेडकरी ने 100 वां नामांकन पत्र खरीदा। हसनुराम साल 1985 से चुनाव लड़ रहे हैं। रिटायर आईएएस डॉ. चंद्रपाल ने भी आगरा सुरक्षित सीट से नामाकंन पत्र खरीदा है। वे चौथी बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।
फतेहपुर सीकरी के उंदेहरा गांव के रहने वाले कल्लन कुम्हार का कहना है कि वे पुलिस, प्रशासन और नेताओं को सुधारने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद वे योगी और मोदी से मिलेंगे। उन्हें पुलिस और प्रशासन के बारे में जानकारी देंगे। कल्लन कहते हैं कि थाने जाओ तो पैसा, नेताजी के पास जाओ तो पैसा। हर जगह पैसा देना पड़ता है। गरीब की कोई नहीं सुनता है। चुनाव जीतने के बाद वे कुल्हड़ बनाएंगे और मोदी जी चाय बेचेंगे।
कल्लन कुम्हार ने बताया कि कुछ साल पहले वे मलपुरा गए थे। वहां एक व्यक्ति की शोक सभा थी। इस शोक सभा में फतेहपुर सीकरी के सांसद राज कुमार चाहर भी पहुंचे थे। उन्होंने राज कुमार चाहर को देखकर उनसे राम-राम की, मगर उन्होंने नहीं सुनी। इसके बाद दो बार फिर से राम-राम की। मगर इस बार भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। तब गुस्से में आकर मैंने कहा कि सांसद जी राम-राम आपको खा रही है क्या। इस पर सांसद ने उन्हें तपाक से जवाब दिया कि तुम मुझे जानते नहीं हो। इस बात से उन्हें गुस्सा आ गई। सांसद को जवाब देने के लिए उन्होंने फतेहपुर सीकरी से चुनाव लडऩे की ठान ली है।
कल्लन कुम्हार फिलहाल कोई काम नहीं करता है। वे पहले मिट्टी के बर्तन बनाया करते थे। कल्लन ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व वे थाना जगदीशपुरा के एक हॉस्पिटल में अपने रिश्तेदार को देखने के लिए गया था। बाइक हॉस्पिटल के बाहर खड़ी कर दी। कुछ देर बाइक चोरी हो गई। इसकी शिकायत करने जब वे थाने गए तो थानेदार ने ठंडा पिलाकर वापस कर दिया। थानेदार ने कह दिया कि 10 साल आपने बाइक चला ली। अब जाने दो। नयी बाइक खरीद लेना। आज तक उनकी बाइक बरामद नहीं हुई है।




