गाजियाबाद में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मां ने राज्य महिला आयोग से न्याय की लगाई गुहार

'बेटी संग सामूहिक दुष्कर्म, सीएम योगी के आने पर कर देते हैं नजरबंद'

गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र में तीन साल पहले हुए सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में इंसाफ की मांग को लेकर मंगलवार को पीड़िता की मां ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान से मुलाकात की, वह उनके सामने फफक कर रो पड़ी और कहा कि मेरी बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया है, अब तक पूरी तरह से इंसाफ नहीं मिला है। मैं अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाना चाहती हूं लेकिन जब भी उनका जिले में दौरा होता है तो पुलिस मुझे नजरबंद कर देती हूं।
उन्होंने कहा कि मेरी बेटी से हुए सामूहिक दुष्कर्म की वजह पुलिसकर्मियों की लापरवाही थी, लेकिन उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। जिस वक्त महिला ने शिकायत की, तब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं लेकिन जब महिला रोने लगी तो उन्होंने समीक्षा बैठक को बीच में रोककर पहले महिला की शिकायत सुनी।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने इस मामले में एसीपी से जानकारी की तो पता चला कि एलआइयू की रिपोर्ट में नजरबंद करने की कार्रवाई की जाती है, केस कविनगर थाने का है। राज्य महिला आयोग ने पुलिस से केस से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा है, पीड़िता को आश्वासन दिया कि वह खुद इस केस को देखेंगी और न्याय दिलाएंगी।
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मां ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को बताया कि 31 मार्च 2022 को उनके बेटे को कविनगर पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में हिरासत में लिया। वह बेटे को थाने से छुड़ाने के लिए बेटी के साथ कविनगर थाने पहुंची तो पुलिस ने आधार कार्ड मांगा, आधार कार्ड लेने के लिए महिला की बेटी को रात में अकेले घर भेज दिया गया। रास्ते में लालकुआं के पास युवती को ऑटो में अगवा कर तीन युवक दादरी की ओर ले गए। आरोपितों ने युवती का मोबाइल भी छीन लिया था, हालांकि मोबाइल छीने जाने से पहले ही युवती ने अगवा किए जाने की सूचना पुलिस को दी। वहां पर दो दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
इस मामले में अपहरण की तहरीर देने पर पुलिस ने बहला फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज किया, जब दो दिन बाद युवती आरोपितों के चंगुल से छूटकर वापस लौटी तो मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई। इस मामले में एडीजी मेरठ से शिकायत की गई थी, जांच में लापरवाही पाए जाने पर उस वक्त कविनगर थाने के एसएचओ रहे आनंद प्रकाश मिश्र, दारोगा गुडवीर सिंह और इच्छाराम को निलंबित कर दिया गया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button