चिकन के खरीदार नहीं, सब्जियों की कीमतें आसमान पर… अफगानिस्तान से लड़ाई की पाकिस्तान पर दोहरी मार

इस्लामाबाद/एजेंसी। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बीते महीने सीमा पर संघर्ष के बाद दोनों देशों में संबंध बेहद तनापवूर्ण हैं। इसका सीधा असर पाकिस्तान के बाजार पर हो रहा है। उसकी जनता महंगाई की मार झेल रही है। अफगानिस्तान के साथ व्यापार बंद होने के बाद पाकिस्तान के कई क्षेत्रों, खासतौर से पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में फलों और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं अफगानिस्तान ना जा पाने की वजह से पोल्ट्री की कीमतों में भारी गिरावट आई है। ऐसे में पाकिस्तानियों को दोहरा नुकसान हो रहा है।
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पोल्ट्री थोक विक्रेता संघ के प्रमुख अब्दुल बासित ने बताया है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर सीमावर्ती क्षेत्र में मांग और आपूर्ति की वजह से हो रहा है। अफगानिस्तान के साथ दैनिक व्यापार में खासतौर से चिकन, फल और सब्जियां शामिल हैं। पोल्ट्री उत्पादों की कीमतें कम हुई हैं क्योंकि अफगानिस्तान को निर्यात नहीं हो रहा है। पाकिस्तान में जिंदा मुर्गे सितंबर में 460-470 रुपए प्रति किलो की तुलना में अब 350-360 रुपए पर बिक रहे हैं। इसी तरह बोनलैस चिकन सितंबर के 1,000 रुपए प्रति किलोग्राम की तुलना में अब 700-800 रुपए प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है।
दूसरी ओर व्यापारियों के अफगानिस्तान से सब्जियां और फल आयात नहीं कर पाने से कीमतें बढ़ रही हैं। पाकिस्तान में फल-सब्जी संघ के उपाध्यक्ष मोहम्मद फहद इकबाल ने बताया है कि पाकिस्तान सड़क मार्ग से अफगानिस्तान से टमाटर, प्याज जैसी सब्जियां, फल और सूखे मेवे आयात करता है। सीमाएं बंद होने से इनकी कीमतें बढ़ गई हैं।
पाकिस्तान के बाजार में आलू 200-300 रुपए प्रति किलो बिक रहे हैं। प्याज 400 रुपए प्रति किलो के बीच बिक रही है। इसी तरह लहसुन 600 रुपए तो अदरक 800 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली इन सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की कमर तोड़ी है। वहीं चिकन के कम हुए दामों ने पोल्ट्री सेक्टर की चिंता बढ़ाई है।
अफगानिस्तान के साथ व्यापार बंद होने के साथ-साथ हाल ही में आई बाढ़ ने भी पाकिस्तान में कई स्थानीय फसलों को प्रभावित किया है। कई इलाकों में सब्जियों और फलों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे पाकिस्तान की अफगानिस्तान से आयात पर निर्भरता बढ़ गई। ऐसे समय में व्यापार बंद होने से पाकिस्तान में लोगों को काफी ज्यादा दिक्कत हो रही है।

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